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कॅरियर, क्रेडिट, कर्ज, मुहांसेः बुध ग्रह का असर

कॅरियर, क्रेडिट, कर्ज, मुहांसेः बुध ग्रह का असर

बुध की खासियत है कि वह अपने साथी ग्रहों के गुण और स्वभाव को ग्रहण कर लेता है। वक्त के हिसाब से खुद को ढाल लेने की अपूर्व क्षमता का धनी बुध ज्योतिष में व्यावसायिक बुद्धि, खर्च करने की आदत, बोलने की कला, रूप और त्वचा का निखार, व्यापारिक शिक्षा, दुनियादारी की समझ आदि अनेक बातों का प्रतिनिधि है। अत: बुध की ताकत को नापने के लिए हमें कुण्डली में यह देखना जरूरी हो जाता है कि बुध अकेला है या किसी और ग्रह के साथ है। साथ ही यह अच्छी राशि में होकर अस्त आदि दोष से युक्त तो नहीं है।

कृत्वा घृतं पिबेत्
अकेला बुध यदि बलवान हो, तो बृहस्पति जैसा हो जाता है। इसीलिए बली बुध वाले लोग अपनी आमदनी और खर्च में तालमेल बनाकर रखते हैं। वे उधार पाने की अपनी क्षमता का भी सटीक और होशियार इस्तेमाल करते हैं।  इसके विपरीत यदि बुध कमजोर राशि में हो या अस्त हो अथवा किसी ग्रह, खास तौर से शुक्र या चन्द्र के साथ हो, तो उधार को टलाने में ही भलाई है। तब अपने क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल भी चतुराई से ही करना चाहिए, नहीं तो कर्ज के  मकड़जाल की परेशानियों का सबब बना ही समझे। फायनेंस कराकर घरेलू उपकरणों खरीदना या बिना जरूरत ‘बाय वन गेट थ्री’ के मन लुभावन नारों वाली सेल से बचने में ही भलाई है।

चल छैंया छैंया छैंया
चन्द्रमा के अंश से पैदा होने के कारण वेदों में इसे ‘सोम का तेज’ बताकर इससे प्रार्थना की गई है कि यह प्रसन्न रहकर हमारे शरीर की कान्ति, त्वचा के निखार और चेहरे की चमक को बरकरार रखे। वैसे तो सूर्य की तेज चमक से सभी की त्वचा को नुकसान पहुंच ही सकता है, लेकिन जिनका बुध कमजोर हो, उन लोगों को धूप से खास तौर से बचाव रखना चाहिए। एक्ने, मुहांसे, झाईं और कीलें अथवा सनबर्न होकर त्वचा का टैन हो जाना ऐसे लोगों के लिए आम बात है।

अन्दाज ए बयां कुछ और
अच्छे बुध वाले लोगों की जुबान पर सरस्वती का वास होता है। ये अपनी बात को कुछ ऐसे अन्दाज में पेश करते है कि सामने वाला इनकी जुबान और पेश करने के तरीके का कायल हुए बिना नहीं रह सकता। बायोडाटा दे रहे हों या सी. वी. भेज रहे हों, ये भीड़ से अलग दिखते हैं। भाषण देना, बिक्री बढमने की कोशिशें, किसी उत्पादन का प्रचार करना, मार्केटिंग, अभिनय, मॉडलिंग आदि के क्षेत्र में ये लोग अपनी अलग ही छाप छोडते हैं।

कपड़े का ग्लैमर
पहनने-ओढने की नफासत, सुघड़ पहनावा, साफ-सफाई और बनावट से दूर रहकर खुद को सोसायटी में एक्सपोज करना बुध का ही गुण है। अच्छे बुध वाले लोग खादी या सिल्क कुछ भी पहनें, इनका पहनावा, रंग और डिजायन, सिलाई और धुलाई, वक्त और मौके के हिसाब से कपडमें का चुनाव ही कुछ ऐसा होता है कि ये पार्टी सभा आदि में छा जाया करते हैं। निखरा रूप, सुघडम् व्यक्ितत्व और शालीन वस्त्रों के साथ इनकी वाक्पटुता और हँसी-मजाक का सभ्य तरीका मिलकर कुछ ऐसा समां बांधता है कि जवां दिल घायल और प्रौढ कायल हो जाते हैं।

आदौ अन्ते विषं जलम्
कमजोर बुध वालों को खाना शुरु करने से दस मिनट पहले और खत्म करने के तुरन्त बाद पानी नहीं पीना चाहिए। ऐसे लोगों का पाचन कुछ कमजोर रहने से पाचक रस कमजोर होकर अपच को और बढते हैं। भोजन के अन्त में दही या फलों का रस आदि लेना इन्हें अधिक फायदेमन्द होता है। खाने पीने के मामले में भी लगातार अम्लीय, मसालेदार और अधिक गरमागरम खाने से इन्हें बचना चाहिए, क्योंकि किसी भी प्रकार की एलर्जी होना इनके लिए बड़ी आम सी बात है।

नशा नाशकारक बनें
किसी भी रूप में शराब, तम्बाकू, सुपारी, कोला की बहुतायत या चाय-कॉफी आदि की लत कमजोर बुध वालों के लिए तकलीफदेह और कभी घातक भी हो जाती है। पानी से फैलने वाले विकार, त्वचा की एलर्जी, मुंह में लार की कमी, मुंह के भीतर सफेद या लाल धब्बे होना और इरिटेबल बाउल सिंड्रोम के आसान शिकार होने के कारण ये लोग कभी किसी घातक रोग के शिकार भी हो जाया करते हैं। ऐसे लोगों को अपनी मुखगुहा, फेफड़े और गले के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहिए।

जांचे परखें तब मानें
बारह राशियों में बुध क्या खराब फल दे सकता है, यह तालिका से जानें-

कुण्डली में बुध
मेष, वृश्चिक/ आक्रामकता, स्वार्थी दोस्त, त्वचा विकार, भावुकता

वृष, तुला/ दिखावा, शाहखर्ची, काम व फायदे की कम परवाह

मिथुन, कन्या/ बडम्बोलापन, ज्यादा परोपकार, तारीफ सुनने का शगल

कर्क/ बहुधन्धी, साथी का असहयोग, रोग, भाई बन्धुओं से हानि

सिंह/ याददाश्त-वाणी में विकार, बाजार में साख की कमी, घबराहट

धनु, मीन/ ज्यादा अच्छा होना, खुद लाभ कमाने में कमजोर

मकर, कुम्भ/ काबलियत का दूसरों को लाभ, भाग्य कमजोर, कम गहरे दोस्त

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  • Web Title:बुध ग्रह