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फिर से गुलजार हो रहा है इलाहाबाद का साहित्यिक परिदृश्य

देश की साहित्यिक राजधानी इलाहाबाद में साहित्यिक परिदृश्य फिर से गुलजार हो रहा है। इस बात का सबूत यह है कि देश के प्रतिष्ठित प्रकाशनों में से एक भारतीय ज्ञानपीठ ने इलाहाबाद के सात से अधिक रचनाकारों की पुस्तकें प्रकाशित की हैं या कर रही है। इनमें कहानी संग्रह कविता संग्रह और नाटक जैसी विभिन्न विधाएं शामिल हैं।

इलाहाबाद अपने महान रचनाकारों की वजह से पूरे देश में साहित्य के गढ़ के रुप में जाना जाता था लेकिन पिछले कुछ समय तक यहां के साहित्यिक परिदृश्य में सन्नाटा छाया रहा खासकर गद्य के क्षेत्र में। अब यह सन्नाटा टूट रहा है और साहित्य सृजन के साथ ही यहां साहित्यिक हलचल भी बढी है।

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