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लालगढ़ में घुसे जवान, कोई प्रतिरोध नहीं

लालगढ़ में घुसे जवान, कोई प्रतिरोध नहीं

सुरक्षा बल माओवादी समर्थित आदिवासियों के कब्जे से लालगढ़ को मुक्त कराने के लिए इलाके में घुस गए और माओवादियों के कब्जे वाले थाने के करीब पहुंच गए हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि सुरक्षाबल थाने में घुस गए हैं।

उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ, बीएसएफ, राज्य सशस्त्र पुलिस, पूर्वी सीमांत राइफल्स और कोलकाता पुलिस के जवान माओवादियों से घिरे इलाके में घुस गए हैं। ये जवान पांच किलोमीटर में फैले झिटका वन को पार कर इलाके में घुसे हैं। ये जवान बारुदी सुरंग रोधी उपकरणों से लैस बख्तरबंद वाहनों में सवार होकर इलाके में घुस रहे हैं। उनके साथ बारुदी सुरंग का पता लगाने वाला दस्ता भी है।

सुरक्षा बल विगत दो दिनों से आम नागरिकों को हताहत होने से बचाने के लिए काफी सावधानी से आगे बढ़ रहे थे। उन्होंने माइन डिटेक्टरों से शुक्रवार को रास्ते की जांच की, क्योंकि आदिवासियों ने सुरक्षा बलों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए एक पुल को उड़ा दिया था और बारुदी सुरंग विस्फोट किया था।

बर्दवान के पुलिस अधीक्षक हुमायूं कबीर ने कहा कि एके-47 और इंसास राइफल से लैस सुरक्षाकर्मियों पर पिंगबनी-सारंगा मार्ग पर माओवादियों ने आज एक-एककर गोलीबारी की। कबीर ने बताया कि सड़क पर दो बारुदी सुरंगों को निष्क्रिय किया गया। मार्ग को अवरूद्ध करने के लिए माओवादियों ने वहां दो पेड़ भी काटकर गिरा दिए थे। वह बिनपुर से लालगढ़ की ओर बढ़ रहे तीन में से एक दल का नेतृत्व कर रहे हैं।

दो अन्य दलों का नेतृत्व आईजीपी मुख्यालय हरमनप्रीत सिंह और संयुक्त पुलिस आयुक्त (यातायात) रणवीर कुमार कर रहे हैं। माओवादियों ने शुक्रवार को एक कम गहरी नदी पर बने पुल को उड़ा दिया था, जिससे अस्थायी तौर पर बाधा पहुंची। लेकिन इसे पैदल पार किया जा सकता है। माओवादियों ने बीती रात लालगढ़ थाने पर गोलीबारी की। जवाब में पुलिस ने भी गोलीबारी की।

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