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नासा में सोहणी सिटी के छात्रों की शावा-शावा

नासा के 28वें अंतरराष्ट्रीय अतंरिक्ष विकास सम्मेलन में सोहणी सिटी के छात्रों ने देश का झंडा बुलंद किया है। दीक्षांत इटंरनेशनल स्कूल की स्पेस सेटलमेंट टीम ने इस प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल किया है। सम्मेलन में सोहणी सिटी के सितारों ने अंतरिक्ष में बस्ती बसाने और जीवन के अनुकूल माहौल बनाने के लिए प्रोजेक्ट पेश किया था। टीम में दसवीं कक्षा के आदित्य अग्रवाल, अमनदीप कौर, कीर्ति अग्रवाल, य गौतम और पांचवीं कक्षा की त्वेशा दीक्षित शामिल थी। विद्यार्थियों द्वारा यहां प्रस्तुत किया गए प्रोजेक्ट कि अतंरिक्ष मे पौधे कैसे उगाएं जा सकते हैं, को बेहद सराहा गया। प्रोजेक्ट में साबित किया गया कि किस प्रकार शून्य गुरुत्वाकर्षण के सहारे जीवन को बचाए रखा जा सकता है। अतंरिक्ष मे बस्ती बनाने की योजना को पेश करते हुए बच्चों ने हाइड्रोपोनिक कृषि और लेड आधारित कृषि की सभांवनाओं को भी पेश किया। इस प्रतियोगिता में विश्व भर से कुल 300 टीमों ने हिस्सा लिया था, जिसमें भारत से एक ही टीम पहुंची थी।


छात्रों को मिला काफी कुछ सीखने का मौका
चार दिन के इस सम्मेलन में नील आर्मस्ट्रांग के साथ पहली बार चांद पर कदम रखने वाले बज एल्ड्रिन के साथ एसटीएएस 72 के मिशन स्पेशलिस्ट विसंटन स्काट एसटीएस 87 के कोलम्बिया स्पेस शटल के कमांडर, कल्पना चावला के पहले स्पेस मिशन के कमांडर से मिलने का मौका मिला। उन्होंने 24 दिन 14 घंटे और 34 मिनट अतंरिक्ष मे बिताए थे और 19 घंटे 26 मिनट की स्पेस वाक भी की थी।


स्टूडेंट्स को चंद्रयान टीम से मिलने और बातचीत करने का मौका भी मिला। पूर्व समूह निदेशक सुरेश नायर ने बच्चों के प्रोजेक्ट को सरो में स्टडी करने की सिफारिश भी की है। विद्यार्थी कैनेडी स्पेस सेंटर गए। यहां उन्हें नई शटल लांच को अनुभव करने का अवसर मिला। विद्यार्थियों ने एक दिन की एटीएक्स की यानी अंतरिक्ष यात्रा का भी आनंद लिया। उन्हें सिखाया गया कि किस प्रकार स्पेस फ्लाइट से पहले तैयारी की जाती है और फुल स्केल शटल में कैसे यात्रा की जाती है।

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  • Web Title:नासा में सोहणी सिटी के छात्रों की शावा-शावा