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प्राकृतिक गैस को मिल सकता है बढ़ावा

प्राकृतिक गैस को मिल सकता है बढ़ावा

बजट आपके किचन और आवागमन को प्राकृतिक गैस के जरिए सस्ता करने की सौगात ला सकता है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री मुरली देवड़ा ने इस प्रस्ताव पर वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी काफी गंभीर हैं। गेल सहित कई कंपनियों ने देश के लगभग पांच दजर्न शहरों में सिटी गैस योजना को बढ़ाने का ब्लूप्रिंट बनाया है।

माना जा रहा है कि सरकार प्राकृतिक गैस का उत्पादन करने वाली कंपनियों को सात साल की टैक्स छूट दे सकती है। इस तरह की कवायद से ओएनजीसी और रिलायंस जैसी कंपनियों को फायदा हो सकता है। यह कदम नेल्प की आठवीं बोली में ज्यादा रुचि पैदा करने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

दरअसल अभी तक ऑयल एक्सप्लोरेशन और उत्पादन पर ही टैक्स छूट का प्रावधान है। लेकिन प्राकृतिक गैस के लिए इन्हीं गतिविधियों पर नहीं। गौरतलब है कि टैक्स हॉलीडे को लेकर अनिश्चय पिछले वर्ष शुरू हुआ था जब तत्कालीन वित्तमंत्री पी. चिदम्बरम ने फाइनेंस बिल 2008-09 में मिनरल ऑयल को पुन: परिभाषित करने का प्रस्ताव दिया था।

इसमें मिनरल ऑयल की परिभाषा में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस को शामिल नहीं किया गया था। जिससे कच्च तेल तो 7 वर्ष के टैक्स हॉलीडे का हकदार हो गया लेकिन प्राकृतिक गैस इस दायरे से बाहर रह गई।  बाद में वित्त मंत्रालय ने इस परिभाषा को वापस ले लिया लेकिन टैक्स हॉलीडे का मसला वहीं पर ही अटका रहा।

हो सकता है इस बजट में कच्चे तेल के समान ही प्राकृतिक गैस को भी समान छूट मिल जाए। इस टैक्स छूट से आपकी किचन और सवारी का खर्च कुछ तो कम होगा।

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