class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

खेल विभाग निष्क्रिय, नहीं हो सकी योजना पूरी

फत्तपुरा गांव के बच्चे पीटी ऊषा की तरह दौड़ कर अंतर्राष्ट्रीय मुकाम पाना चाहते हैं। उनका यह सपना आसानी से पूरा होता नहीं दिख रहा। ऐसा खेल विभाग की कमजोरियों के कारण। विभाग ने वर्षो  पुरानी मिनी स्टेडियम स्कीम की जनकारी अब तक पंचायतों को नहीं दी है। इसके चलते जिले के 144 गांवों में मिनी स्टेडियम बन ही नहीं पाया।


खेलों के माध्यम से गांवों को नई पहचान दिलाने के  लिए हरियाणा खेल एवं युवा कार्यक्रम विभाग ने एक दशक पूर्व ‘मिनी स्टेडियम’ योजना शुरू की थी। इसके तहत 4 या 6 एकड़ जमीन ग्राम पंचायत को जिला खेल परिषद् के नाम करनी होती है। इसके अलावा पंचायत को चार एकड़ जमीन में स्टेडियम के निर्माण में आने वाले लागत का 5 प्रतिशत और 6 एकड़ के लिए 10 प्रतिशत देना होता है। बाकि रकम प्रदेश सरकार मुहैया कराती है। ऐसे स्टेडियमों में एथलेटिक ट्रैक, गांव के बच्चों की रूचि अनुसार खेल मैदान और एक कमरा बनाया जा सकता है। इस योजना के  तहत एक भी ग्राम पंचायत ने मिनी स्टेडियम के लिए आवेदन नहीं किया। ऐसा नहीं कि पंचायतें इसमें रुचि नहीं रखतीं या उनके पास जमीन या पैसे नहीं हैं। जिले के 144 गांवों में से 124 के पास जमीन है।


फत्तपुरा गांव के सरपंच खजन सिंह बताते हैं कि अपने बच्चों के करियर के लिए  गांव में स्टेडियम बनाने को तैयार हैं। लेकिन ऐसी किसी योजना की उन्हें आज तक जानकारी ही नहीं दी गई। खेल विभाग और जिला प्रशासन की ओर से ऐसी जनकारी देने की जहमत नहीं उठाई गई। ददसीया गांव के सरपंच राजबीर का भी कुछ ऐसा ही कहना है। जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम विभाग अधिकारी आईपीएस लांबा इस नाकामयाबी पर कुछ भी कहने को तैयार नहीं। नई ज्वाइनिंग करने की बात कहकर बचने की कोशिश करते हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:खेल विभाग निष्क्रिय, नहीं हो सकी योजना पूरी