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चीनी खिलौने के आयात पर प्रतिबंध से उद्यमी परेशान

गुड़िया के लिए हवाई जहाज व मोनू के लिए रिमोट से चलने वाली रेलगाड़ी खरीदने के लिए अब भी आपको अधिक पॉकेट ढीली करनी पड़ेगी।  केंद्र सरकार द्वारा सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरने पर चीनी खिलौनो के आयात पर अगले वर्ष तक पाबंदी बढ़ा दिए जाने के कारण शहर के उद्यमी परेशान हैं। इसके कारण बच्चों के खिलौने सस्ते नहीं हो पाएंगे। वहीं इससे एक बार फिर उद्यमियों का स्टॉक माल गोदाम में रह जाएगा।


नोएडा स्थित एनईपीजेड (नोएडा एक्सपोर्ट प्रोमोशन जोन )में चलने वाली अधिकतर खिलौने के कंपनियों में चीन से लगभग सत्तर फीसदी खिलौने मंगाए जाते रहे हैं। इसके पीछे इसका सस्ता व अधिक वेरायटी को होना था। पिछले छह महीनों से चीनी खिलौने पर लगे प्रतिबंध के कारण कंपनियों को घरेलू मैन्यफैक्चरिंग व यूरोपीयन देशों से खिलौने मंगाए जाते हैं। यह खिलौने आम चीनी खिलौने के मुकाबले लगभग पचास फीसदी महंगे होते हैं। इससे नोएडा के इन कंपनियों को पिछले छह महीने में तीस से चालीस फीसदी कारोबार घट गए हैं। नोएडा फेज टू इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष ए.के. खुराना का कहना है कि एनईपीजेड में दो दजर्न से अधिक छोटी बड़ी खिलौने की कंपनियां चल रही है। चीनी खिलौने के प्रतिबंध के कारण इन कंपनियों के सामने जबर्दस्त संकट सामने आ गया है। उन्होंने बताया कि इससे बच्चों के अभिभावकों को मंहगे खिलौने तो खरीदना पड़ ही रहा है साथ में उन्हें वेरायटी भी नहीं मिल रही है। पाबंदी से रिटेल दुकानदारों के बिजनेस पर भी असर पड़ा है।

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