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अभियंता का शव पहुंचने पर लोग हुए आक्रोशित

बिहार के सीतामढ़ी जिले के कार्यपालक अभियंता योगेन्द्र पांडेय का शव शुक्रवार को उनके पटना स्थित आवास पर पहुंचते ही आक्रोशित लोगों ने पटना की व्यस्ततम बेलीरोड को जाम कर दिया। इस बीच, योगेन्द्र के परिजनों का कहना है कि योगेन्द्र ने आत्महत्या नहीं की है बल्कि उनकी हत्या की गई है। योगेन्द्र पांडेय ने गुरुवार को सीतामढ़ी जिले के जिलाधिकारी कार्यालय भवन के तीन मंजिली इमारत से कूदकर कथित तौर पर अपनी जन दे दी थी।

अभियंता का शव जैसे ही उनके निवास स्थल पटना के रूपसपुर थाना क्षेत्र की आईएएस कॉलोनी में पहुंचा, वहां का माहौल गमगीन हो गया। इस घटना से आक्रोशित लोगों ने बेली रोडजाम कर दिया और सड़कों पर टायर जलाए। इस जाम से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।


पटना के नगर पुलिस अधीक्षक अनवर हुसैन ने बताया कि जमस्थल पर स्थिति तनावपूर्ण मगर नियंत्रण में है। जबकि योगेन्द्र पांडेय की पत्नी वीणा देवी का कहना है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या का मामला है। उन्होंने बताया कि पिछले छह जून को सीतामढ़ी में किशोर सिंह नामक एक ठेकेदार ने उनके कार्यालय में उनके साथ मारपीट की थी तथा उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी। इसके बाद उन्होंने सीतामढ़ी के जिलाधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक से सुरक्षा की मांग की थी परंतु उन्हें सुरक्षा नहीं दी गई। उन्होंने इस घटना की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।


सीतामढ़ी के अभियंता संघ के महासचिव प्रेमनाथ मिश्र ने भी शुक्रवार को इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर जांच नहीं होती है तो अभियंता संघ आंदोलनात्मक कार्रवाई करेगी।  पुलिस के अनुसार उनकी जेब से एक सुसाइड नोट भी बरामद किया है जिसमें लिखा था, मैं विभाग में काम करने के लायक नहीं हूं। विभाग भी मुङो नाकाम अधिकारी समझता है, इस कारण मुझे जीने का हक नहीं है।

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