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तीन साल तक होता रहा यौनशोषण

मिलखा सिंह को सलाखों के पीछे धकेलना ही काफी नहीं है। पूरी तराई में ऐसे दरिंदे भरे पड़े हैं। गोश्त के इन गरम सौदागरों के लिए तराई पिछले काफी समय से हॉटबेड बना हुआ है। अब यह बात दीगर है कि पुलिस सब कुछ जानते हुए भी अनजान है और प्रशासनिक अफसर कहीं और मशगूल।


तेरह बरस की लड़की से लगातार दो वर्ष तक एक पूर्व फौजी के बलात्कार करते रहने का मामला प्रकाश में आने पर दिनेशपुर क्षेत्र में उबाल है। गुस्साए युवा बलात्कारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
गौरतलब है कि मूल रूप से न्यूरिया, भरतपुर जिला पीलीभीत का रहने वाला पूर्व फौजी मिलखा सिंह तीन वर्ष पूर्व वहीं की 10 वर्षीय अनामिका (नाम बदल दिया गया है) को उसके चाचा से ले आया था। लड़की के माता-पिता की मौत काफी पहले हो चुकी थी। बताते हैं कि मुफलिसी के चलते चाचा अनामिका का खर्चा उठाने में असमर्थ था। उसने थोड़े पैसे के लालच में उसे मिलखा सिंह के हवाले कर दिया। तीन साल पहले एक दिन मिलखा ने उसे अपनी हवस का शिकार बनाया तो यह सिलसिला शिकायत पुलिस थाने तक पहुंचने तक जारी रहा। कभी अनामिका को नशे की गोलियां देकर तो कभी उसके सीने पर बंदूक रखकर वह अपनी इस घिनौनी हरकत को अंजाम देता।
बुधवार की रात को भी ऐसा ही होना था। लेकिन अनामिका ने हिम्मत दिखाई और किसी तरह वहां से भाग कर सभासद सिखा ढाली के पास आ गई। नतीजतन इस केस का खुलासा हो सका। अनामिका ने बताया कि मिलखा सिंह उसे कई अन्य सफेदपोशों के सामने भी परोसना चाहता था, जिसके लिए वह तैयार नहीं थी।
अगर सभासद ढाली ने अनामिका का साथ न दिया होता, तो कुछ ही समय में मिलखा इस मासूम किशोरी को वेश्यावृत्ति के दलदल में ढकेलने में कामयाब हो जाता।


बताते चलें कि दिनेशपुर नगर क्षेत्र में पिछले दो सप्ताह में लड़कियों के अवैध कारोबार के लगभग चार मामले प्रकाश में आए थे, पर एक भी मामला पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हो सका। एक मामले में तो आरोपी को थाने में भी लाया गया था, पर बाद में उसका क्या हुआ पता ही नहीं चला। अन्य मामलों में नगर के कुछ नेताओं ने पंचायत कराकर मामलों को दबा दिया।


इलाके के बाशिंदों का कहना है कि अगर पुलिस और अफसर इस तरह की घटनाओं पर ध्यान दे दें,  तो खरीद-फरोख्त और शारीरिक शोषण के इन मामलों पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकता है। जिसतरह से अनामिका प्रकरण पर छात्रों और महिलाओं का गुस्सा सड़कों पर फूटा और व्यापारियों ने भी अपना समर्थन देकर बाजार बंद किया। उससे साफ है कि नगरवासी जिस्मफरोशी के धन्धे से काफी परेशान हैं।


सूत्र बताते हैं कि जिस्मफरोशी के धन्धे से जुड़े़ लोग बिहार , उत्तर प्रदेश और पश्चिमी बंगाल से कम उम्र की लड़कियों को बहलाफुसला कर ले आते हैं। गरीबी के कारण पेट पालने में असमर्थ लोग मजबूरन जिस्म के इन दलालों के झांसे में आ जाते हैं। यहां लाकर नशे की गोलियां देकर या जबरन डरा धमका कर उन्हें धन्धें में उतार दिया जाता है। पिछले वर्ष भी क्षेत्र के अमृतनगर नं. 2 का एक शातिर युवक उड़ीसा, कोलकाता आदि जगह से नाबालिग लड़कियों को लेकर आ गया था। इस मामले में अपर जिलाधिकारी ने एक नाबालिग लड़की को नारी निकेतन भेजा था और एक अन्य लड़की को उसके परिजनों को सौंपा गया था। पर आरोपी के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया गया था।

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