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नरेगा में चार लाख का घौटाला, ग्राम प्रधान समेत तीन के खिलाफ प्राथमिकी

राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (नरेगा) में पहली बार कानपुर में करीब चार लाख रूपये का घोटाले का मामला सामने आया है । इस मामले में ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत अधिकारी और तकनीकी सहायक को दोषी पाया गया और तीनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

 सूत्रों के अनुसार, ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत अधिकारी और तकनीकी सहायक को  पद से हटाने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गयी है । कानपुर शहर के मुख्य विकास अधिकारी राजीव शर्मा ने  बताया कि ग्राम पंचायत असगहा में ग्राम प्रधान श्रीमती रामश्री, ग्राम पंचायत अधिकारी रजनीश सिंह चौहान एवं तकनीकी सहायक नरेन्द्र कुमार ने कथित तौर पर गलत तरीके से नरेगा के खाते से तीन लाख रूपये निकाल लिये। लेकिन इस राशि को नरेगा के तहत खर्च करने के बजाय आपस में बांट लिया गया और कागजों पर काम संपन्न दिखा दिया गया ।

उन्होंने बताया कि यह मामला  ब्लाक डेवलपमेंट आफिसर ने तीन माह पहले पकड़ा और अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को दी जिसमें इस घोटाले की बात कही गयी । सीडीओ ने इस मामले की जांच करवाई तो नरेगा की राशि में से करीब चार लाख रूपये का घोटाला किया गया है ।

सीडीओ शर्मा ने बताया कि जांच में घोटाले की बात सही पाये जाने के बाद ग्राम प्रधान श्रीमती रामश्री, ग्राम पंचायत अधिकारी रजनीश सिंह तथा तकनीकी सहायक नरेन्द्र कुमार के खिलाफ सजेती पुलिस स्टेशन में भ्रष्टाचार अधिनियम (करप्शन एक्ट) तथा आईपीसी की धारा 409 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गयी है ।

उन्होंने बताया कि इन तीनों को पद से हटाने के लिये भी आवश्यक कार्रवाई की जा रही है । नरेगा में किये गये घोटाले की प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद से तीनों फरार है । पुलिस इन्हें पकड़ने के लिये जगह जगह छापे मार रही है ।

नरेगा में पांच साल में पहली बार किसी घोटाले की बात सामने आने के बाद अब नरेगा के सभी मामलों पर कड़ी नजर रखी जा रही है । हर मामले की छानबीन करने के आदेश दिये गये है ।

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  • Web Title:नरेगा में चार लाख का घौटाला