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3जी स्पेक्ट्रम के लिए 4,040 करोड़ आरक्षित मूल्य

3जी स्पेक्ट्रम के लिए 4,040 करोड़ आरक्षित मूल्य

तीव्रगति की इंटनेट सेवाएं देने की क्षमता रखने वाली तीसरी पीढ़ी के मोबाइल टेलीफोन का रास्ता साफ करते हुए सरकार ने 3जी स्पेक्ट्रम के आवंटन के लिए 4,040 करोड़ रूपए का आरक्षित मूल्य तय किया।

इस सेवा के लिए स्पेक्ट्रम (रेडियो फ्रिक्वेंसी) की नीलामी से सरकारी खजाने में कम से कम 32,320 करोड़ रूपए आने की उम्मीद है। आरक्षित मूल्य को लेकर विभिन्न मंत्रालयों के बीच लंबे समय से मतभेद चल रहा था।

वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी और दूरसंचार मंत्री ए राजा के बीच विवाद को खत्म करने पर सहमति बन गई और आरक्षित मूल्य उंचा करने पर सहमति बन गयी। दोनों मंत्रियों ने इस विषय पर प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह से मुलाकात की थी।  3जी के लिए स्पेक्ट्रम की नीलामी की प्रक्रिया अब संशोधित आरक्षित मूल्य के अधार पर शुरू की जा सकती है।

सूत्रों ने कहा कि यह मसला अब अधिकार प्राप्त मंत्रिसमूह (ईजीओएम) के पास जाएगा और उम्मीद है कि बोली प्रक्रिया और अन्य कार्यक्रम को जल्दी मंजूरी मिलेगी।

राजा ने इससे पहले भी इस सप्ताह मुखर्जी से मुलाकात की थी। वित्त मंत्रालय ने आरक्षित मूल्य को 2, 020 करोड़ रूपए से दोगुना करने का परामर्श दिया था और  दूरसंचार विभाग ने भी उसका समर्थन किया था। दोनों मंत्रालयों में सहमति कायम करने के लिए संपर्क चल रहा था। 

सूत्रों ने कहा कि सरकार को बोली के लिए शुरू में पहचानी गई छह निजी कंपनियों से जहां कम से कम 24, 240 करोड़ रूपए मिलेंगे, वहीं दो कंपनियों- एमटीएनएल और बीएसएनएल से 8, 080 रूपए की आय होगी।

सूत्रों ने कहा कि ईजीओएम से इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद दूरसंचार मंत्रालय नीलामी के लिए विस्तृत कार्यक्रम की घोषणा करेगा। सूत्रों ने कहा कि अगले कुछ सप्ताह में बोली पूर्व सम्मेलन की भी घोषणा की जा सकती है।

सूत्रों ने कहा कि नीलामी अगस्त के मध्य में शुरू होगी। दूरसंचार मंत्रालय ने इससे पहले 2,020 करोड़ रूपए के आरक्षित या न्यूनतम मूल्य की सिफारिश की थी जिसे वित्त मंत्रालय ने स्वीकार नहीं किया था। वित्त मंत्रालय ने दूरसंचार मंत्रालय से कहा था कि वह इसे दोगुना करे।

3जी स्पेक्ट्रम के लिए आवेदन करने वाली कंपनियों में भारती एयरटेल, वोडाफोन, रिलायंस कम्यूनिकेशन, टाटा और कुछ अन्य निजी दूरसंचार कंपनियां हैं। इसी तरह 3जी की तर्ज पर सरकार वायमैक्स के तौर पर जानी जाने वाली वायरलेस ब्राडबैंड सेवा के स्पेक्ट्रम की भी नीलामी करेगी।

दूरसंचार मंत्रालय ने वायमैक्स के लिए 1, 010 करोड़ रूपए के आरक्षित मूल्य की सिफारिश की थी जबकि वित्त मंत्रालय ने इसे भी दोगुना कर दिया है।

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