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लालगढ़ की ओर कूच, वायुसेना भी तैयार

लालगढ़ की ओर कूच, वायुसेना भी तैयार

पश्चिम बंगाल के लालगढ़ में पिछले दो दिनों से माओवादियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई को तेज करने के लिए खड़गपुर के पास कलईकुंडा एयरबेस से रवाना हुए वायुसेना के हेलीकॉप्टर पहुंच गए हैं। शुक्रवार सुबह रवाना हुए वायुसेना के हेलीकॉप्टर भीमपुर हाईस्कूल के परिसर में पहुंच गए हैं और केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों के साथ पोजीशन ले ली है।

मिदनापुर रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक प्रवीण कुमार और सीआरपीएफ के महानिरीक्षक के नेतृत्व में सुरक्षा अधिकारी कार्रवाई की योजना बनाने में व्यस्त रहे। सुरक्षा अधिकरियों के सामने लालगढ़ पहुंचने के लिए सबसे बड़ी चुनौती झिटका जंगल पार करने की है। यह जंगल माओवादियों का प्रमुख गढ़ माना जाता है और यहां बड़ी संख्या में विस्फोट भी होते रहे हैं।

इस बीच पुलिस इस खोज में लग गई है कि माओवादियों के समर्थन वाली पीपुल्स कमेटी अगेंस्ट पुलिस एट्रोसिटीज (पीसीपीए) के कार्यकर्ताओं की ओर से सुबह से कोई विरोध क्यों नहीं जताया जा रहा है। पुलिस को आशंका है कि यह कार्यकर्ता जवानों को झिटका जंगल के पास बिछी बारूदी सुरंगों के जाल में फंसाना चाहते हैं।

झारग्राम के अनुमंडल अधिकारी उलगानाथन ने बताया कि पीसीपीए कार्यकर्ताओं ने गुरुवार रात झारग्राम से दहिजुरी और धेरुआ के रास्ते लालगढ़ जाने वाले मार्ग को अवरूद्ध कर दिया। इन लोगों ने दहिजुरी में बना लकड़ी का पुल जला दिया और धेरुआ मार्ग को उग्रवादियों ने बंद कर दिया था।

लालगढ़ और आसपास के इलाकों में व्याप्त तनाव के मद्देनजर माओवादी अभियान के लिए खास तौर पर प्रशिक्षित कोबरा बल के 100 जवानों को आमने-सामने की लड़ाई के लिए तैयार रहने को कहा गया है। ज्ञातव्य है कि गुरुवार को माओवादियों के सफाए के लिए अभियान शुरू होने के साथ ही आदिवासियों और पीसीपीए कार्यकताओं ने केंद्रीय अर्धसैनिक बल एवं पुलिस के जवानों पर तीर कमान और टांगी से हमला कर दिया तथा पेड़ काटकर रास्ते अवरूद्ध कर दिए, जिसके जवाब मे सुरक्षाकर्मियों को आंसूगैस के गोले छोड़ने पडे¸ और लाठीचार्ज करना पड़ा। दिन खत्म होने तक यह कार्रवाई लालगढ़ से 14.15 किलोमीटर दूर कोइमा गांव तक पहुंच गई थी।


माओवादियों ने सुरक्षाबलों को बढ़ने से रोकने के लिए एक पुल को उड़ा दिया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि पिरकाटा से आगे सुरक्षा बलों ने लालगढ़ की ओर आगे बढ़ना शुरू किया है, जहां सुरक्षाकर्मी गुरूवार की रात रूके थे।  सुरक्षाकर्मियों ने सड़कों और जंगलों को साफ करने के लिए बारुदी सुरंग का पता लगाने वाले उपकरणों का उपयोग किया ताकि पिराकुली से आगे की ओर भारी वाहनों को बढ़ाया जा सके ।

भारतीय वायु सेना के एक हेलीकॉप्टर ने भी लालगढ़ का निरीक्षण किया, जहां समझा जाता है कि किसनजी समेत माओवादियों के प्रमुख नेता घिरे हुए हैं। हेलीकॉप्टर से पर्चे भी गिराये गए जिसमें लोगों से माओवादियों के लिए मानव ढाल नहीं बनने को कहा गया है।

पुलिस उत्पीड़न के खिलाफ पीपुल्स कमेटी के झंडे तले आदिवासियों ने लालगढ़ की ओर सुरक्षा बलों को बढ़ने से रोकने के लिए सभी रास्तों को अवरुद्ध कर दिया है। यह क्षेत्र उस समय माओवादियों तथा उनके समर्थकों के नियंत्रण में आ गया, जब पुलिसकर्मी अपने हथियारों को लूटे जाने के भय से शिविरों में आ गए थे।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि दाहीजुरी और धेरूआ में सड़कों को खोद दिया गया था, इसके अलावा सैन्य बलों और अद्र्धसैनिक बलों की बढ़त को रोकने के लिए सड़कों पर पेड़ों को गिरा कर रखा गया था। इसके अतिरिक्त बिनपुर के पास एक नदी पर बने पुल को विस्फोट से उड़ा दिया गया था ।

उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों ने पिरकाटा के अलावा गोलटोर, साल्बोनी और झारग्राम के पास आधार शिविर स्थापित करने की योजना बनाई है।  पुलिस अधिकारी ने कहा कि जिन सड़कों को जांच के बाद साफ किया गया है वहां अर्द्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात कर दिया गया है ।

नक्सल विरोधी कार्रवाई में विशेषज्ञता रखने वाले बल कोबरा के एक दस्ते को तैयार रखा गया है । बहरहाल, संयुक्त पुलिस आयुक्त रणवीर कुमार के नेतृत्व में कोलकाता पुलिस का एक दल झारग्राम पहुंच गया है, जो कानून एवं व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा करेगा क्योंकि लोग लालगढ़ से शहर की ओर भाग रहे हैं ।

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