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समुद्री पर्यटन का अद्भुत अंदाज

समुद्री पर्यटन का अद्भुत अंदाज

जिस तरह पर्यटन का शौक दिनोंदिन नई ऊंचाइयां छू रहा है, उसी तरह पर्यटन के नये-नये अंदाज भी सामने आते जा रहे हैं। पिछले चंद वर्षो में ‘यॉट’ के रूप में समुद्र पर्यटन का एक आधुनिक अंदाज हमारे सामने आया है। यॉट समुद्र की लहरों पर बोटिंग का एक ऐसा स्टाइल है, जिसमें एडवेंचर भी शामिल है और लग्जरी भी। यह बोट पारम्परिक बोट से कहीं आगे अनेक सुविधाओं से सम्पन्न मिनी जलयान के समान है, जिस पर सैलानी आरामतलबी के साथ लहरों से टकराने का रोमांच महसूस कर सकते हैं। समुद्र पर तैरते विशाल क्रूज लाइनर के बारे में तो सब जानते हैं। क्रूज लाइनर हमें लहरों पर तैरते किसी पांच सितारा होटल के बराबर लगते हैं तो ‘यॉट’ लहरों पर बहते एक आलीशान हॉलिडे होम के समान हैं, जिनमें विलासिता का हर साजो- सामान मौजूद है। एडवेंचर और लग्जरी हॉलिडे का यह मिलाजुला स्वरूप पिछले कुछ वर्षो से हमारे देश में भी प्रचलित हो चला है। हालांकि अपने आरम्भिक दौर में अभी यह उच्च आय वर्ग की पहुंच में है, लेकिन वह दिन दूर नहीं, जब यह मध्यम वर्ग की पहुंच में भी होगा।

यॉट का अर्थ सामान्यत: तेज गति से चलने वाली पाल नौका से होता था। आगे चल कर बड़ी मोटरबोट भी यॉट कहलाने लगी। आज यॉट का अर्थ केवल रेसिंग यॉट या क्रूजिंग यॉट से होता है। वैसे यॉट दो प्रकार के होते हैं, सेलिंग यॉट अर्थात् पाल से चलने वाले और मोटर यॉट यानी इंजन से चलने वाले, जबकि मोटर यॉट आज लग्जरी क्रूजिंग का पर्याय बन चुकी है। सैरसपाटे के लिहाज से मोटर यॉट समुद्री यात्राओं का एक अद्वितीय अंदाज मानी जाने लगी है। इन दोनों की बनावट में काफी अंतर होता है। 1950 तक यॉट लकड़ी और लोहे द्वारा बनती थीं, लेकिन आज के दौर में सबसे ज्यादा प्रचलित मैटीरियल फाइबर ग्लास, अल्मूनियम, कार्बन फाइबर तथा स्टील है। यही कारण है कि आज यॉट बेहद आकर्षक बनने लगी हैं। इनका आकार 40 फुट से 300 फुट तक होता है। आकार के आधार पर इन्हें पहचान भी दी गई है। 100 फुट से छोटी यॉट केबिन यॉट कहलाती है। यह प्राय रेसिंग, डे-क्रूजिंग या जॉय राइड के लिए प्रयोग होती है। इससे बड़ी यॉट को मेगा यॉट कहते हैं। मेगा यॉट वीकएंड क्रूजिंग के योग्य होती हैं, क्योंकि इसकी ईंधन आदि की क्षमता दो तीन दिन की यात्रा के लायक होती है, जबकि 200 फुट से बड़ी यॉट ‘सुपर यॉट’ कहलाती है। यह बेहद आरामदेह और काफी लम्बी यात्राओं का साधन है। दरअसल आकार के आधार पर ही इसमें सुविधाओं का समावेश होता है। इस तरह सुपर यॉट सबसे अधिक सुविधा-संपन्न यॉट होती है।

यॉट पर बढम्ती सुविधाओं ने ही इसे पर्यटन का एक अद्भुत आयाम बना दिया है। आज यह एक साधारण केबिन वाली बोट से कहीं आगे विलासिता की सभी जरूरतों से लैस आवासीय बोट होती है, जिनमें एक नहीं, दो-तीन केबिन होते हैं। इसके साथ भव्य सिटिंग लाउंज भी होती है। फर्निशिंग के मामले में भी इसमें उच्च स्तरीय सुविधा शामिल की जाती है। शानदार सोफे, टेबल और आरामदेह बिस्तर के साथ टेलिविजन, कम्प्यूटर, रेफ्रिजरेटर और एयरकंडीशनर भी लगा हो तो भला यॉटिंग किसे आकर्षक नहीं लगेगी। इसके पॉश इंटीरियर को देखें तो यह किसी तैरते स्वर्ग के समान लगते हैं।

बाथरूम में हॉट वाटर और प्रैशराइज वॉटर सिस्टम लगा होता है। यॉट के डाइनिंग एरिया में बैठ सैलानी यॉट के किचन में तैयार भोजन कर सकते हैं। इस सबके लिए यॉट पर इलैकरिटकल जैनरेशन का पूरा इंतजाम होता है। केबिन में लगी बड़ी-बड़ी खिड़कियां हर पल समुद्री यात्रा का अहसास बनाये रखती हैं। लोअर डेक पर खुले हिस्से में सिटिंग एरिया बनाया जाता है, जहां बैठ कर समुद्र की लहरों पर यॉट की गति के रोमांच का अनुभव लिया जा सकता है। अपर डेक पर रेलिंग के सहारे खड़े होकर समुद्री हवाओं के तेज झोंकों के साथ सागर के अनंत विस्तार पर नजर आते दृश्यों का 360 डिग्री नजारा देखने को मिलता है। आधुनिक यॉट पर संचार माध्यमों के लिए रेडियो, राडार एवं ईको साउंडिंग जैसी तकनीक तथा नेवीगेशन एड के लिए ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम आदि तकनीक जुड़ी होती हैं। इतनी सुविधाओं से लैस यॉट पर आठ से पंद्रह तक प्रशिक्षित  क्रू मेम्बर्स की आवश्यकता होती है। इनमें हाउस कीपर, शेफ, अटेंडेंट और तकनीकी स्टाफ होते हैं। इस तरह से यॉट समुद्री लहरों पर मौजमस्ती का एक अलग अंदाज बन जाता है।  यॉटिंग का शौक निरंतर बढम् रहा है। इनके डिजाइन भी दिनोंदिन आलीशान रूप लेते जा रहे हैं। इंटीरियर के साथ इनके एक्सटीरियर को भी आकर्षक बनाया जा रहा है। पूरे विश्व में यॉट निर्माण करने वाली कम्पनियां नई खोज कर इन्हें अधिक सुरक्षित व आरामदेह बनाने में जुटी हैं।

यॉट सेलिंग आज काफी हद तक समुद्री लहरों पर ऐशोआराम का एक निजी आयाम है। यह उन समृद्ध भारतीयों को बेहद रास आ रहा है, जो कमाने और बस व्यय करने में ज्यादा विश्वास करते हैं। लेकिन वह समय दूर नहीं, जब यॉटिंग मध्यम वर्ग के लिए भी सैरसपाटे का शगल बन जायेगी। मुम्बई से कुछ एजेंसियों ने यॉट के लग्जरी चार्टर पैकेज शुरू कर दिये हैं। इनमें दैनिक से साप्ताहिक पैकेज शामिल हैं। यॉट किराये पर भी लिये जा सकते हैं, लेकिन यह सब अभी महंगे हैं। यॉट क्लब मुम्बई और यॉट्स क्लब ऑफ इंडिया से इस बारे में जानकारी ली जा सकती है। यह तय है कि कुछ ही वर्षो में यॉट का शानदार सफर मध्यमवर्ग के लिए समुद्र पर्यटन का खास आयाम बन जायेगा। तब यह तैरते आश्चर्य हमारी यादों में समुद्री यात्राओं के रंग भी भरने लगेंगे। 

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