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म्यांमार पर लगे और प्रतिबंध: इंग्लैंड

म्यांमार पर लगे और प्रतिबंध: इंग्लैंड

इंग्लैंड ने म्यांमार पर आंग सांग सूकी तथा अन्य राजनीतिक बंदियों की रिहाई के लिए यूरोपियन संघ के जरिए और अधिक आर्थिक प्रतिबंध लगाने की मंशा जाहिर की है।

इंग्लैंड के विदेश मंत्री इवान लेविस ने कहा कि सूकी पर फिलहाल उनकी नजरबंदी के उल्लंघन के आरोप में चल रहे मुकदमे के खत्म होने के बाद यूरोपियन संघ म्यांमार पर और अधिक आर्थिक प्रतिबंध लगाने की सोचेगा। इससे पहले यूरोपियन संघ ने म्यांमार पर मानवाधिकार उल्लंघन और लोकतंत्र के विरूद्ध अड़ियल रवैया अपनाने के कारण गत अप्रैल में वीजा तथा व्यापारिक प्रतिबंधों को एक साल के लिए और बढ़ा दिया था।

लेविस ने कहा सूकी पर यह मुकदमा हास्यास्पद और फर्जी आरोपों के तहत चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड चाहता कि सूकी के मुकदमे के तुरंत बाद संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून म्यांमार जाएं। इससे म्यांमार के तानाशाह शासकों के सामने एक कड़ा संदेश जाएगा।

इस बीच संयुक्त राष्ट्र के कुछ राजनयिकों ने इस हफ्ते कहा कि म्यांमार के शासकों ने बान को जुलाई के शुरुआती दिनों में वहां जाने के लिए आमंत्रित किया है। म्यांमार में इंग्लैंड के राजदूत मार्क कनिंग ने यांगून से एक वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कहा है कि इसमें कोई संदेह नहीं कि तानाशाह सरकार सूकी को इस मुकदमे में दोषी मान कर उन्हें जेल भेजने की जगह नजरबंद कर देगी।

गौरतलब है कि सूकी शुक्रवार को 64 वर्ष की हो जाएंगी। उन पर गत मई में एक अमेरिकी नागरिक द्वारा उनके आवास में गैर कानूनी तरीके से घुस दो दिनों तक छिपे रहने के कारण गत 26 जून से नजरबंदी कानून तोड़ने के आरोप में मुकदमा चलाया जा रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि यह उन्हें अगले वर्ष होने वाले आम चुनावों से रोकने के लिए किया जा रहा है।

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