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दिल्ली में बिजली,पानी,डीटीसी किराया बढ़ाने की तैयारी

दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने विकास कार्यों के लिए संसाधन जुटाने के वास्ते बिजली,पानी और दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के किराए में बढ़ोत्तरी के संकेत दिए। श्रीमती दीक्षित ने गुरुवार को राज्य विधानसभा में उपराज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस का उत्तर देते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में विकास कार्योंके लिए संसाधन जुटाने हेतु जरुरत पडने पर बिजली, पानी और डीटीसी के किराए में वृद्धि करनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि पिछले साल रसोई गैस के सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि की गई थी तो राज्य सरकार ने 40 रुपए की सब्सिडी देकर उपभोक्ताओं को इसके प्रभाव से राहत दी थी। अब विकास कार्यों के लिए जरुरत पड़ने पर वह किराए में बढोतरी का कदम भी उठा सकती है। हालांकि बाद में उन्होंने कहा कि अधिकारियों का कहना है कि बिजली के दामों में कमी भी आ सकती है।


 विपक्ष के नेता विजय कुमार मल्होत्रा के उपराज्यपाल के अभिभाषण पर बहस के दौरान रखे गए आंकड़ों को पुराना बताते हुए श्रीमती दीक्षित ने कहा कि हम इन आंकड़ों की तुलना में काफी आगे निकल चुके हैं। मुख्यमंत्री के जवाब के दौरान प्रो. मल्होत्रा सदन में नहीं थे। उन्होंने कहा कि पिछले दस साल में दिल्ली में उनकी अगुवाई में कांग्रेस की सरकार के काम को जनता ने पहचाना और उसे राज्य विधानसभा के चुनाव में लगातार तीसरी बार भारी जीत के बाद आम चुनावों में भी सातों सीटों पर बड़े अंतर से विजय दिलाई। विपक्ष के अफजल गुरु को फांसी और मुंबई की आतंकवादी घटनाओं को कुरदने की आलोचना करते हुए श्रीमती दीक्षित ने कहा कि कांग्रेस के विधायकों ने जनता से लगातार संपर्क बनाए रखा और उसी का नतीजा है कि पार्टी की राज्य में लगातार तीसरे बार सरकार बनी। उन्होंने कहा कि जनता ने कांग्रेस में जो विश्वास व्यक्त किया है और जिम्मेदारी सौंपी है। उसका हमें पूरा अहसास है। कांग्रेस की अगुवाई में देश के विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है और पार्टी की नीतियों से राष्ट्र अखंड रहेगा। जिसमें सभी जाति और धर्म के लोगों को पूरा सम्मान मिलेगा।


मुखमंत्री दीक्षित ने कहा कि केन्द्र की नई सरकार प्रशासनिक सुधारों की दिशा में तेजी से कदम उठाने की तैयारी कर रही है। इससे राज्य सरकार को और ज्यादा अधिकार प्राप्त होंगे जिससे कार्योंपर और तेजी से अमल किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व में दिल्ली पहला शहर हैं जहां लो फ्लोर वाली सीएनजी बसें चलाई गई। डीटीसी के बेड़े में एयरकंडीशन बसें हैं जो देश के किसी और शहर में नहीं हैं। विपक्ष के लो फ्लोर बसों के मंहगा होने के आरोपों के जवाब में दीक्षित ने कहा कि हमें इनके मंहगा होने का अहसास था और वित्त मंत्री ने इसकी तरफ ध्यान भी दिलाया था किंतु सरकार दिल्ली की जनता को सुविधाजनक सेवा उपलब्ध कराना चाहती थी। इसलिए मंहगी लो फ्लोर बसों को खरीदने का फैसला किया गया।


 दिल्ली में स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जब भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) की सरकार थी राज्य सरकार के अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या महज 725 थी जो अब बढ़कर लगभग 2000 तक पहुंच गई है। राज्य सरकार के अस्पतालों की संख्या 16-17 से बढकर 37 हो गई है। जो जल्दी ही 50-52 हो जाएगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली को देश में स्वास्थ्य का केन्द्र बिन्दु माना जाता है। पूर्वी दिल्ली के अस्पतालों में 30 प्रतिशत मरीज पड़ोसी राज्यों से आते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने बर्ड फ्लू और स्वाईन फ्लू जैसी घातक बीमारियों पर बखूबी नियंत्रण पाया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री दीक्षित ने कहा कि राज्य सरकार के पास अस्पताल के लिए भवन तो हैं किंतु डाक्टर, नर्स और अन्य सहायक चिकित्सा कर्मचारियों की कमी है। इस दिशा में भी जल्दी ही कदम उठाए जाएंगे।

 राष्ट्रमंडल खेलों के शानदार आयोजन का दावा करते हुए दीक्षित ने कहा कि यह ऐसा होगा जिस पर दिल्ली ही नहीं पूरा देश नाज करेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले दस वषरें में यातायात में सुधार के लिए 48 फ्लाई ओवरों का निर्माण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष का राजधानी में 13-14 घंटे बिजली कटौती का आरोप सरासर गलत है। नीलसन की रिपोर्ट में एनडीपीएल के कार्य को संतोषजनक पाया गया है और बीवाईपीएल और बीएसईएस के कामकाज में भी उपभोक्ता संतुष्टि में 0.59 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। बिजली क्षेत्र की समस्याओं को दूर करने के लिए विपक्ष से सहयोग की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे लोगों को और अच्छी सेवा उपलब्ध कराने में सुविधा होगी। मेट्रो रेल सेवा को दिल्ली की नहीं देश की शान बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह इसे शुरु कराने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के पास गईं। उन्होंने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो काम अच्छे होते हैं वहां राजनीति नहीं की जानी चाहिए। 


 शिक्षा के क्षेत्र में राज्य सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए  दीक्षित ने कहा कि पिछले दस वर्षों में सरकारी स्कूलों के दसवीं और बारहवीं कक्षा के परिणामों में अप्रत्याशित सुधार हुआ है। उच्च शिक्षा के लिए नेशनल ला कालेज खोला गया। गुरु गोविन्द सिंह इन्द्रप्रस्थ विश्वविद्यालय के काफी विस्तार किया गया। भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय और ट्रिपिल ई इंजीनियरिंग कालेज खोले गए। राजधानी में पानी की किल्लत को स्वीकारते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह व्यवस्था जैसी होनी चाहिए वैसी नहीं है और इसे दुरुस्त करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे है। उन्होंने कहा कि हर साल दिल्ली की जनसंख्या में पांच लाख लोग जुड़ जाते हैं। दिल्ली में पानी की उपलब्ध 68 करोड़ गैलर प्रतिदिन से बढ़कर लगभग 82 करोड़ गैलन हो गई हैं। पानी की रिसाईकिलिंग की दिशा में कदम उठाने के साथ ही वर्षा जल संचलन किए जाने पर जोर दिया जा रहा है और एक दो साल में इसका लाभ दिखने लगेगा।


दिल्ली विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन 15 जून को उपराज्यपाल ने सदन को संबोधित किया था। कांग्रेस के नरेन्द्र नाथ और अनिल भारद्वाज की तरफ से उपराज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर तीन दिन बहस हुई। कांग्रेस की तरफ से इसमें 12,  भाजपा के सात और बहुजन समाज पार्टी के एक सदस्य ने हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री के जवाब के बाद धन्यवाद प्रस्ताव को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।

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