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लघु उद्योगों में निवेश पर आयकर में छूट मिले

लघु उद्योगों में निवेश पर आयकर में छूट मिले

मनमोहन सिंह के नेतृत्व में यूपीए सरकार की दूसरी पारी केन्द्र में शुरू हो चुकी है। दूसरी पारी का पहला आम बजट छह जुलाई को पेश किया जाएगा। जहिर है उद्यमी, व्यापारी, सरकारी कर्मचारी, कामकाजी महिलाएं, गृहिणियाँ, बेरोजगार युवा, कारपोरेट सेक्टर सभी लोग टीम मनमोहन में वित्त मंत्रालय सम्भालने वाले प्रणव मुखर्जी और उनके सहयोगियों की तरफ बड़ी उम्मीदों से देख रहे हैं।

हिन्दुस्तान इस बजट काउण्टडाउन की शुरूआत उद्योग जगत से कर रहा है। आईआईए चाहता है कि इस बार के बजट में एफबीटी को पूरी तरह से खत्म किए जाने की घोषणा की जाए। इसी तरह लघु उद्योगों में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए आयकर सम्बंधी छूट और बढ़ाई जाएं ताकि निर्यात बढ़े और बेरोजगारी दूर हो।

सर्विस टैक्स को दस फीसदी से घटाकर पाँच फीसदी किए जाने और केन्द्रीय उत्पाद शुल्क की सीमा डेढ़ करोड़ से बढ़ाकर ढाई करोड़ किए जाने के अलावा यह औद्योगिक संगठन स्रोत पर आयकर कटौती की पूरी व्यवस्था में मौजूदा खामियों को दूर किए जाने, वैट पर एक समग्र राष्ट्रीय नीति बनाए जाने तथा अगले दो वर्षो में वैट की जगह लगने वाले गुड्स एण्ड सर्विस टैक्स के लिए बेहतर माहौल बनाए जाने की भी अपेक्षा रखता है।

एसोचैम ने भी केन्द्रीय वित्त मंत्रालय को बजट से पूर्व अपनी संस्तुतियाँ भेजी हैं।  एसोचैम के महासचिव एस.बी.अग्रवाल ने बताया कि उनके संगठन ने मैन्यूफैक्चरिंग स्ट्रक्चर, एक्सपोर्ट  और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर पर अपनी सिफारिशों को फोकस किया है।

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