class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

अधिकारों की लड़ाई दिल्ली पहुंची

अधिकारों को लेकर प्रशासन से नगर निगम की लड़ाई अब दिल्ली पहुंच गई है। और ज्यादा विभागों के ट्रांसफर से प्रशासन के इनकार के बाद मेयर कमलेश ने इस मामले को केंद्रीय गृह मंत्री के सामने उठाने का फैसला किया है। बुधवार को उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम के नाम लिखी एक चिट्ठी में कहा है कि चंडीगढ़ में संविधान के 74 वें सशोधन को पूरी तरह से लागू करवाने के प्रशासन को निर्देश दिए जाएं। चंडीगढ़ प्रशासन सीधे तौर पर गृह मंत्रालय के अधीन आता है।


उन्होंने इस मामले में बात करने के लिए गृह मंत्री से उन्हें मिलने के लिए समय देने की भी मांग की है। मेयर ने लिखा है कि चंडीगढ़ में इस संविधान के संशोधन को पूरी तरह से लागू नहीं किया गया है। उन्होंने कहा है कि  चंडीगढ़ में नगर निगम को जो अधिकार दिए जाने चाहिए थे, वह नहीं दिए जा रहे हैं। हालांकि दिल्ली फाइनेंस कमीशन ने भी अपनी ताजी रिपोर्ट में मेयर को और ज्यादा अधिकार देने की बाद कही है, लेकिन इस रिपोर्ट पर विचार के बाद प्रशासन ने हाल ही में निगम को और अधिकार देने में अपनी असमर्थता व्यक्त की है। प्रशासन का तर्क है कि जो अधिकार दिए जा सकते थे वे पहले ही दे दिए गए हैं।  प्रशासन ने कहा है कि अर्बन डवलपमेंट और इंजीनियरिग व एस्टेट ऑफिस इसलिए निगम को नही दिया जा सकता है कि क्योकि चंडीगढ़ में कैपिटल ऑफ पंजाब रेगुलेशन एंड डवलपमेंट एक्ट 1952 लागू है और इसके तहत क्वाशी ज्यूडिशियल अधिकार प्रशासन के पास  है, लेकिन मेयर के गले ये दलील नहीं उतरी है। कमलेश ने कहा है कि प्रशासन को संविधान संशोधन के प्रावधानों को समझना चाहिए, ताकि लोगों को इसका फायदा मिल सके। नगर निगम को जब तक उनके अधिकार नहीं मिलते हैं, तब तक चुने हुए प्रतिनिधियों को काम करने का ज्यादा मौका नहीं मिलेगा। नगर निगम ज्यादा अधिकारों को लेकर लंबे समय से मांग कर रहा है, लेकिन प्रशासन कुछ न कुछ तर्क देकर उनकी मांगों को पूरा नहीं कर रहा है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:अधिकारों की लड़ाई दिल्ली पहुंची