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स्वास्थ्य विभाग ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय को लिखा पत्र

स्वाइन फ्लू के संभावित खतरे से निबटने के लिए बिहार सरकार ने घरेलू उड़ानों में इसकी नियमित जांच की आवश्यकता जतायी है। राज्य सरकार का मानना है कि अन्तरराष्ट्रीय उड़ानों में जांच के दौरान तत्काल यात्री के स्वाइन फ्लू ग्रस्त होने का पता नहीं चले लेकिन इसके लक्षण बाद में दिख सकते हैं। इसलिए घरेलू उड़ानों पर नजर रखना जरूरी है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय को पत्र लिखा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्वाइन फ्लू को लेकर अस्पतालों में तैयारियों की जांच के लिए मॉक ट्रायल कराने के निर्देश दिये हैं। इस बीच पटना हवाई अड्डा प्रबंधन और एयर लाईन कंपनियों को पीएमसीएच, रैपिड रेसपॉन्स टीम और राज्य स्वास्थ्य समिति में बने कंट्रोल रूम के टेलीफोन नंबर दे दिये गये हैं।


राज्य में दो अन्तरराष्ट्रीय हवाई अड्डे हैं। गया में विमानों की आवाजाही अगस्त से शुरू होगी। लिहाजा राज्य सरकार की चिन्ता फिलहाल पटना पहुंचने वाली घरेलू उड़ानों को लेकर है जिनमें बड़ी संख्या में विदेशी यात्री और विदेश यात्रा से लौटने वाले यात्री सफर करते हैं।

गुरुवार को धन्यवाद यात्रा पर रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री ने हवाई अड्डे पर दावा किया कि बिहार में स्वाइन फ्लू से निबटने की पूरी तैयारी है। मेडिकल कॉलेजों में 10-10 और जिला अस्पतालों में 5-5 बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये जिलों में तैयारी का जायजा लिया गया है। जल्द ही मॉक ट्रायल कराया जायेगा। इससे पता चलेगा कि हमारी तैयारी क्या है और हम कितनी देर में सेंपल लेकर जांच के लिए भेज सकेंगे। स्वास्थ्य सचिव प्रति दिन जिलों और कंट्रोल रूम से रिपोर्ट लेंगे। उन्होंने कहा कि केन्द्र से घरेलू उड़ानों में भी बीमारी की नियमित जांच कराने का अनुरोध किया गया है।

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