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राष्ट्रीय उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान आयोग गठित करने की सिफारिश

सुप्रसिद्ध शिक्षाविद प्रो.यशपाल की अध्यक्षता में गठित समिति ने देश में उच्च शिक्षा एवं शोध के विकास के लिए राष्ट्रीय उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान आयोग गठित करने की सिफारिश की है। समिति ने अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार कर ली है और आगामी 22 जून को इस रिपोर्ट पर समिति के सभी सदस्य अपने हस्ताक्षर करेंगे। इसके बाद समिति अपनी रिपोर्ट मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल को सौंप देगी।

प्रो. यशपाल ने गुरुवार को बताया कि हम लोगों ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है। अब सरकार को फैसला करना है कि वह कौन सी सिफारिशें लागू करती है। सूत्रों के अनुसार प्रो.यशपाल ने अपनी अंतिम रिपोर्ट में केन्द्रीय विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, मेडिकल कौंसिल ऑफ इंडिया तथा अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद समेत 13 अन्य नियामक अनुसंधान एवं संस्थाओं का विलय कर एक राष्ट्रीय उच्च शिक्षा आयोग गठित करने का सुझाव दिया है।

समिति ने अपनी रिपोर्ट में डीम्ड विश्वविद्यालयों पर भी नकेल कसने की सिफारिश की है। प्रस्तावित शिक्षा आयोग एक स्वायत्त संस्था होगी जिसमें अध्यक्ष के अलावा छह सदस्य होंगे। यह आयोग पश्चिम बंगाल, केरल और आंध्र प्रदेश में गठित शिक्षा आयोग की तर्ज पर होगा। इस आयोग के अध्यक्ष को नियुक्त करने का अधिकार राष्ट्रपति को होगा।

आयोग विश्वविद्यालय में शोध एवं अनुसंधान को भी बढ़ावा देगा। देश की सभी प्रयोगशालाओं को एक नेटवर्क के जरिए भी जोड़ा जाएगा ताकि और अधिक अनुसंधान कार्य हो सके। यशपाल समिति का मानना है कि देश में शैक्षणिक संस्थानों को शिक्षा की दुकान न बनाया जाए और सबको स्तरीय शिक्षा प्रदान किया जाए।

माना जा रहा है कि आयोग के गठित होने के बाद से देश में उच्च शिक्षा से जुड़ेगें सभी पहलुओं पर एकीकृत एवं समन्वित ढंग से विचार हो सकेगा।

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  • Web Title:उच्च शिक्षा आयोग गठित करने का सुझाव