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भाजपा ने कोशियारी समर्थकों पर अनुशासन का डंडा चलाया

उत्तराखण्ड में पिछले करीब छह महीने से सत्तारूढ पार्टी में प्रतिद्वन्द्वी गुट का नेतृत्व करने वाले पूर्व मुख्यमंत्री भगतसिंह कोशियारी के बुधवार को राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद गुरुवार को भाजपा ने उनके बड़बोले समर्थकों पर अनुशासन का डंडा चलाया ।

भाजपा की प्रदेश इकाई ने कड़ा रूख अख्तियार करते हुये भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष गजराज सिंह बिष्ट, पिथौरागढ़ के नगरपालिका अध्यक्ष राजेन्द्र रावत, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य राजेश शुक्ला सहित 21 नेताओं को पार्टी की सदस्यता से निलंबित कर दिया और उन्हें एक हफ्ते के भीतर जवाब देने के लिये कारण बताओ नोटिस जारी किया ।


पार्टी के प्रदेश महामंत्री तीरथ सिंह रावत ने बताया कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बचीसिंह रावत के निर्देश पर 21 नेताओं के खिलाफ कार्यवाही की गयी । इन नेताओं पर आरोप है कि इन्होंने कोशियारी के इस्तीफा देने के बाद मीडिया में सार्वजनिक तौर पर न केवल बयान जारी किये बल्कि अपने इस्तीफे की भी घोषणा की जो सीधे सीधे अनुशासनहीनता के दायरे में आता है । रावत ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने गत 13 जून को यह स्पष्ट निर्देश जारी किया था कि कोई भी नेता या कार्यकर्ता पार्टी के अन्दरूनी मामलों को लेकर न तो बयान जारी करेगा और न ही किसी प्रकार की घोषणा करेगा । यदि कोई ऐसा करेगा तो वह अनुशासनहीनता के दायरे में आयेगा ।

प्रदेश के महामंत्री तीरथ सिंह रावत ने बताया कि प्रिंट मीडिया और इलैक्ट्रानिक मीडिया में इन नेताओं ने सार्वजनिक रूप से बयान जारी किया जो सीधा-सीधा अनुशासनहीनता के दायरे में आता है । रावत ने कहा कि पार्टी के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को इससे अवगत करा दिया गया है । इसके बावजूद नेताओं ने अनुशासनहीनता की और सार्वजनिक रूप से पार्टी के अन्दरूनी मामलों का खुलासा किया । 
  

पार्टी सूत्रों ने बताया कि आने वाले समय में कुछ और नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्यवाही की जा सकती है क्योंकि इन लोगों ने भी अनुशासन के दायरे को लांघने की कोशिश की है । पार्टी पूरी स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुये है और अनुशासन तोड़ने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जायेगा । 


 इस बीच कोशियारी के इस्तीफे के बाद पर्वतीय राज्य उत्तराखण्ड, में सत्तारूढ़ और विपक्ष दोनों पक्षों के बीच राजनीति एक बार फिर से गरमा गयी है और दोनों पक्षों ने इस सिलसिले में पार्टी हाईकमान से सीधा सम्पर्क साधा है । पूर्व मुख्यमंत्री भगतसिंह कोशियारी ने बुधवार को नई दिल्ली में राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था । हालांकि उन्होंने उत्तराखण्ड में समाज सेवा करने और पाटी को मजबूत करने को ही इस्तीफा देने का कारण बताया था ।

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