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वनडे के अनुकूल लप्पेबाजी में माहिर हैं नायर

वनडे के अनुकूल लप्पेबाजी में माहिर हैं नायर

वेस्टइंडीज दौरे के लिए भारतीय टीम में शामिल एकमात्र नया चेहरा अभिषेक नायर एकदिवसीय क्रिकेट के अनुकूल लप्पेबाजी करने और मौके की नजाकत के अनुरूप पारी आगे बढ़ाने में माहिर हैं और उन्होंने अपनी आक्रामक तेवरों से एक बार एंड्रयू फ्लिंटाफ जैसे गेंदबाज को भी दिन में तारे दिखा दिये थे।

नायर ने दक्षिण अफ्रीका में हाल में संपन्न इंडियन प्रीमियर लीग के पहले ही मैच में मुंबई इंडियन्स की ओर से खेलते हुए इंग्लैंड के स्टार ऑलराउंडर फ्लिंटाफ के एक ओवर में तीन छक्के जड़ कर सबका ध्यान अपनी ओर खींचा था।

आठ अक्तूबर 1983 को सिकंदराबाद में जन्मे नायर ने इस मैच में सिर्फ 14 गेंद में 35 रन की पारी खेलकर मुंबई इंडियन्स को चेन्नई सुपर किंग्स पर जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई और सचिन तेंदुलकर को भी अपना मुरीद बना दिया। तेंदुलकर ने बाद में कहा था, नायर नैसर्गिक प्रतिभा का धनी खिलाड़ी है। वह अंत तक हार नहीं मानता और संघर्ष करता रहता है। हमें उसकी क्षमता पता है और उसने अतीत में भी हमारे लिए ऐसा किया है। उसने बेहतरीन पारी खेली।

मध्यम गति से गेंदबाजी करने वाले नायर के लिये हालांकि चुनौती आसान नहीं है, क्योंकि उन्हें इरफान पठान जैसे अनुभवी आलराउंडर पर तरजीह दी गयी है, लेकिन अपनी मध्यम गति की गेंदबाजी से टीम में पांचवें गेंदबाज की भूमिका निभाने को तत्पर नायर इस चुनौती के लिये तैयार हैं। उन्होंने कहा कि आईपीएल में खेलने से मुझे पता चल गया है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट क्या होता है।

वेस्टइंडीज दौरे पर चार एकदिवसीय मैचों के लिए भारत की 16 सदस्यीय टीम में जगह बनाने वाले मुंबई के इस आलराउंडर को आईपीएल में प्रभावशाली प्रदर्शन का ही ईनाम मिला है। बायें हाथ के बल्लेबाज और दाएं हाथ के गेंदबाज नायर ने आईपीएल टू के 13 मैचों की 11 पारियों में 21.44 की औसत से 193 रन बनाने के  अलावा 21 रन प्रति विकेट की औसत से चार विकेट भी हासिल किए।

आईपीएल में वैसे 27 मैचों की 21 पारियों में उनके नाम 23.47 की औसत से 399 रन दर्ज हैं। इसके अलावा उन्होंने पांच विकेट चटकाकर गेंदबाजी में भी अपनी प्रतिभा साबित की है। नायर ने बल्ले और गेंद दोनों से बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 2006 में मुंबई को रणजी खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई। वह गुजरात के खिलाफ सिर्फ तीन रन से शतक से चूक गये थे।

इस आलराउंडर ने मोहम्मद निसार ट्रॉफी में कराची अर्बन ते खिलाफ 152 रन की पारी खेलकर प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अपना पहला सैकड़ा जड़ा, जिसके बाद आईपीएल 2008 के लिए मुंबई इंडियन्स ने उन्हें अपनी टीम में जगह दी।

तेईस प्रथम श्रेणी मैचों में 43.56 की औसत से 1307 रन बनाने वाले नायर की उपलब्धि यहीं तक सीमित नहीं है। इस आलराउंडर ने पिछले रणजी सत्र के फाइनल में एक बार फिर सबकी उम्मीदों पर खरा उतरते हुए 99 रन की पारी खेलकर अपनी टीम को 38वीं बार चैम्पियन बनवाया। उन्होंने इसके अलावा प्रथम श्रेणी मैचों में 50 से अधिक विकेट भी चटकाये हैं। सीमित ओवरों के खेल में नायर के नाम 45 मैचों में 26.28 की औसत से 920 रन और 38 विकेट दर्ज हैं।

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