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अगर हम पापा होते......

अगर हम पापा होते......

फादर्स डे भी मदर्स डे की तरह पूरी दुनिया में मनाया जाता है।  वर्ष 2009 में  इटली में 19 मार्च को तो डेनमार्क में 5 जून तो भारत के साथ-साथ कुछ अन्य देशों में  यह 21 जून को और थाइलैंड में  5 दिसम्बर को मनाया जा रहा है।

मुस्कान सूरी
कक्षा पांच,एलपीएस,प्रियदर्शनी विहार,दिल्ली
क्या करती: मैं बच्चों की गलती को ऐसे  समझाती कि उन्हें बुरा भी नहीं लगता और बात भी समझ आ जाती। मैं बच्चों के साथ एक दोस्त की तरह पेश आती और इसे अपनी खूबी बनाती। और हां जो ठान लेती, उसे करके ही दम लेती। टीचर से उनकी परफॉरमेंस का जायजा लेती। अपने परिवार का ख्याल रखती। हैरी पॉटर, बाल गणेशा जैसी मूवी देखने के लिए खुद से बोलती, जाओ बेटा ऐश करो।
क्या नहीं करती: सॉरी बोलने पर भी माफ ना करूं, ऐसा कभी नहीं करती। आज से चंद दिन बाद फादर्स डे है। जिस तरह तुम मदर्स डे, फ्रैंडशिप डे आदि सेलिब्रेट करते हो, ठीक उसी तरह दोस्तो तुम्हारे पास साल में एक ऐसा दिन भी आता है, जब तुम उस दिन को सिर्फ और सिर्फ अपने पापा को समर्पित कर सकते हो। फादर्स डे के दिन विचार भी कर सकते हो कि अगर तुम पापा की जगह होते तो क्या-क्या बदलाव करते।

अक्षत चोपड़ाः फिल्म "थोड़ा प्यार थोड़ा मैजिक"के बाल कलाकार
क्या करता: बच्चों को घुमाने लेकर जाता। उनकी मनपसंद आइसक्रीम उन्हें खिलाता। वीकएंड पर उन्हें अच्छी सी जगह डिनर पर ले जाना कभी नहीं भूलता। मैं उनकी जिंदगी आरामदायक बनाने की हर संभव कोशिश करता। साथ-साथ उन्हें कुछ ऐसी ट्रेनिंग भी दिलवाता, जो उन्हें मुश्किल पड़ने पर काम आती। अपने अब तक के अच्छे-बुरे अनुभवों को उनसे बांटता, ताकि उस स्थिति से निपटने में उन्हें आसानी होती।  अच्छी डिशेज बनानी भी सिखाता।
क्या नहीं करता: मैं बच्चों को कभी नहीं डांटता, चाहे कुछ भी हो जाता। गेम खेलने से कभी मना नहीं करता, चाहे वे इनडोर गेम खेलना चाहते या फिर आउटडोर। वीडियो गेम पर कभी पाबंदी नहीं लगाता।

आयुषी भारद्वाज,कक्षा-5,क्वीन मेरी स्कूल
क्या करती: मैं अपने पापा की तरह कूल ही रहना पसंद करती। पापा की तरह मैं ज्यादा टेंशन नहीं लेती। सबसे पहले तो मैं बैंक की नौकरी  की जगह कोई दूसरी नौकरी या बिजनेस करती। बैंक को अपना प्रोफेशन कभी नहीं चुनती, क्योंकि बैक कर्मचारियों के अक्सर ट्रांसफर होते रहते हैं, इसलिए  स्कूल और पुराने दोस्त छूट जाते हैं। पापा की तरह इंटेलिजेंट बनने की कोशिश करती।मैं बच्चों से बहुत प्यार करती और उनके सभी फ्रैंडस को भी  बहुत प्यार करती। और हां बच्चों के बर्थडे में खुद बच्चा बन कर सभी के साथ गेम एन्जॉय करती। काश साल में एक दिन ऐसा भी होता, जब टीचर्स डे के दिन टीचर बनने की तरह हम फादर्स डे पर एक दिन के लिए फादर बन जाते।
क्या नहीं करती:  सब जानते हैं कि मेरा छोटा भाई सुमुख बहुत शरारती है। ये बात पापा भी जानते हैं। अगर मैं पापा की जगह होती तो उसकी हर गलती पर नहीं मुस्कराती। उसे बताती कि किसी पर गुस्से में कोई चीज फेंक देना बुरी बात होती है।


शिवम डोभाल
कक्षा 9, एयरफोर्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल, रेस कोर्स, दिल्ली

क्या करता: अगर मैं पापा होता तो वो हर चीज उनके सामने लाकर रख देता, जो वे मुझ से मांगते। उन्हें हमेशा यह महसूस कराता कि पढमई में आने वाली मुश्किलों में मैं उनके साथ हूं। उनकी समस्या सुन कर उसका हल ढूंढम्ने में जुट जाता। घुमाने के लिए छुट्टियों में सिंगापुर, मलेशिया जैसी जगह का चुनाव करता, ताकि बच्चे कहते कि हमारे डैड हैं सबसे अच्छे।
क्या नहीं करता: डांटते समय ध्यान रखता कि उन्हें डांट कहीं ज्यादा न पडम् जाए। बच्चों को कहीं भी आने-जाने के लिए नहीं रोकता।

नेहा
कक्षा 10,
फ्लोरेंस पब्लिक स्कूल, प्रताप नगर, दिल्ली
क्या करती: मेरा ड्रैसिंग स्टाइल देख कर बच्चे और बढम्े सब दंग रह जाते।  खुद को फैशन में अपडेट रखती। दूसरों के काम आती। बस कोई एक बार मदद के लिए पुकारता तो हाजिर हो जाती। बच्चे भी मुङो से सीखते और एक अच्छा इंसान बनते।  हर वक्त काम को समय पर खत्म करती। टीवी बंद करना होता तो डांट कर नहीं, बल्कि समझाती कि क्यों टीवी बंद करने के लिए कहा गया है। 
क्या नहीं करती: हर समय बच्चों को डांटने वाली आदत कभी नहीं बनाती। अपने काम दूसरों से करवाने की जगह खुद करती।

विकास
कक्षा 6, चिल्ड्रन एकेडमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल,
प्रताप विहार, गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश
क्या करता: मैं डैड की तरह साल भर में सिर्फ फाइनल एग्जाम में अव्वल आने पर ही कोई गिफ्ट नहीं देता। मैं यूनिट टैस्ट में अच्छे माक्र्स लाने पर कोई  ईनाम जरूर देता, भले ही वह एक चॉकलेट ही क्यों न हो। हां मैं बच्चों से किया गया अपना कोई वादा कभी नहीं भूलता।
क्या नहीं करता
मैं  कभी गुस्सा नहीं करता। बच्चों को कभी डांटता ही नहीं। उस बच्चे को तो बिल्कुल नहीं, जो पापा से सबसे ज्यादा प्यार करता हो। जैसे मेरी छोटी बहन भावना तो मम्मी को ज्यादा प्यार करती है, लेकिन मैं अपने पापा को ज्यादा चाहता हूं, फिर भी डांट मुझे पड़ती है। 

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