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32 साल बाद महंगाई दर शून्य से नीचे

32 साल बाद महंगाई दर शून्य से नीचे

वर्ष 1995 से शुरू हुए नए थोकमूल्य सूचकांक के बाद से पहली बार देश में छह जून को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान वार्षिक मुद्रास्फीति की दर नेगेटिव होकर शून्य से 1.61 प्रतिशत नीचे जा पहुंची।

मुद्रास्फीति की दर उससे पिछले हफ्ते 0.13 प्रतिशत थी। इससे पहले सन 1977 में मुद्रास्फीति की दर नेगेटिव हुई थी।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार गैर खाद्य वस्तुओं, विनिर्मित वस्तुओं तथा ईंधन, बिजली और स्नेहकों के सूचकांक में वृद्धि की वजह से सभी कमोडीटीज का थोक मूल्य सूचकांक 0.04 प्रतिशत बढ़ गया।

प्राथमिक वस्तुओं के सूचकांक में जहां 0.7 प्रतिशत की गिरावट आई, वहीं ईंधन और बिजली के सूचकांक में 0.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

11 सप्ताह को खत्म हुए सप्ताह में जारी हुए अंतिम आंकड़ों में कहा गया है कि संशोधित वार्षिक मुद्रास्फीति की दर 0.96 प्रतिशत रही जो कि पहले अस्थायी आंकड़ों के आधार पर 0.26 प्रतिशत बताई गई थी।

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