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मलिन बस्तियों में सुधार कार्य में घपलों की जांच बाहरी एजेंसियाँ करेंगी

प्रदेश सरकार मलिन बस्तियों में हो रहे विकास कार्यो की गुणवत्ता की जांच बाहरी एजेंसियों से कराएगी। इसके लिए जांच एजेंसियों से ऑफर माँगे गए हैं। कुछ जिलों में जांच का काम थर्ड पार्टी को सौंपने के निर्देश दे दिए गए हैं।

नगर विकास एवं शहरी गरीबी उन्मूलन विभाग के सचिव नवनीत सहगल ने सूडा निदेशक को निर्देश दिए हैं कि केन्द्र सरकार द्वारा ‘बेसिक सर्विसेज फार अरबन पुअर्स’(बीएसयूपी) और ’इंटीग्रेटेड हाउसिंग एंड स्लम डेवेलपमेंट प्रोग्राम’ (आईएचएसडीपी) के तहत मलिन बस्तियों में कराए जा रहे समग्र विकास कार्यो की तीन स्तरीय जांच की व्यवस्था की गई है।

केन्द्र सरकार ने इस सम्बन्ध में विभागीय और सहयोगी संस्थाओं द्वारा जांच की जो व्यवस्था निर्धारित की थी उसके अलावा अब थर्ड पार्टी जांच कराने की व्यवस्था की गई है। इस व्यवस्था में केन्द्र ने आईआईटी रुढ़की समेत 16 संस्थाओं को इस हेतु नामित किया है।

श्री सहगल ने सूडा निदेशक को निर्देश दिए हैं कि निर्धारित मानकों के आधार पर चिह्न्ति जांच एजेंसियों को विकास किए गए कार्यो की जांच का जिम्मा दे दिया जए। तीन स्तर पर जांच कराने के पीछे सरकार की मंशा गरीबों को अच्छी गुणवत्ता वाले विकास कार्य मुहैया कराना है।

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  • Web Title:मलिन बस्तियों में सम्रग विकास की जांच