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मोठूका में गैस संचालित पॉवर प्लांट बनने की फिर जगी उम्मीद, एनसीआर होगा नो पॉवर कट जोन

दिल्ली समेत समूचे एनसीआर में नो पॉवर कट जोन बनाए जने की योजना से मोठूका में गैस संचालित पॉवर प्लांट बनने की उम्मीदें फिर से बलवती हो गई हैं। अगले पांच वर्ष बाद एनसीआर के सभी शहरों में बिजली कटौती बिल्कुल समाप्त करने की योजना है।

इसके लिए एनसीआर के हरियाणा, राजस्थान और यूपी में गैस संचालित एक-एक पॉवर प्लांट लगाया जाना है। ऐसे में फरीदाबाद के मोठूका में प्रस्तावित पॉवर प्लांट की भूमिका एनसीआर के नो पॉवर कट जोन बनाने में अहम हो सकती है।

प्रदेश में पदभार संभालने के बाद मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने उपमंडल बल्लभगढ़ के गांव मोठूका में गैस पर आधारित 1065 मैगावाट प्लांट की आधारशिला रखी थी। 3300 करोड़ रुपये की लागत से इसका निर्माण हरियाणा आबॉन कंपनी को कराना था। लेकिन कुछ दिक्कतों के चलते इस प्लांट का कार्य अधर में लटक गया।

माना जा रहा है कि गैस न मिलने के कारण इस प्लांट का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। इसकी आधारशिला रखे लंबा अर्सा हो चुका है। चर्चा है कि यह प्लांट अब नहीं बनाया जाएगा। बल्लभगढ़ विधायक एवं संसदीय सचिव शारदा राठौर की मानें तो मोठूका में पॉवर प्लांट रद्द नहीं हुआ है।

उनके मुताबिक इसे हर हाल में बनाया जाएगा। अभी गैस मिलने की दिक्कत सामने आ रही है। मुख्यमंत्री इसे लेकर गंभीर हैं। दूसरी ओर एनसीआर प्लॉनिग बोर्ड और केंद्र सरकार ने एनसीआर के शहरों को नो पॉवर कट जोन बनाने के लिए जो योजना बनाई है, उसके तहत हरियाणा के फरीदाबाद या गुड़गांव में, उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर या गाजियाबाद में तथा राजस्थान के अलवर में प्रस्तावित प्लांट लगाए जाने हैं।

इस लिहाज से फरीदाबाद का मोठूका क्षेत्र यूपी के करीब पड़ता है। ऐसें में मोठूका गैस प्लांट का इस्तेमाल एनसीआर के नो पॉवर कट जोन के लिए किया जा सकता है। माना जा रहा है कि एनसीआर के इन शहरों में तीन प्लांट लगाए जाने से बिजली की समस्या अगले पांच वर्ष बाद पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।

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  • Web Title:गैस संचालित पॉवर प्लांट बनने की फिर जगी उम्मीदें