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पुलिस के खिलाफ महासंघ का आंदोलन तेज

उत्तराखंड निकाय कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष समेत दो नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। पुलिस की इस ज्यादती के खिलाफ महासंघ का आंदोलन प्रदेश स्तर पर भड़क उठा है। मुलाजिमों ने वीरवार से प्रदेश स्तर पर जेल भरो आंदोलन का ऐलान कर दिया है। 


महासंघ आंदोलन को तोड़ने के लिए सरकारी मशीनरी हरसंभव कोशिश में जुट गई है। इसी रणनीति के तहत बुधवार शाम महासंघ अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह रावत व हल्द्वानी निकाय कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष डीएल शाह को पुलिस ने गोविंदगढ़ से हिरासत में लिया। कुछ घंटे उन्हें हिरासत में रखने के बाद छोड़ दिया गया। गिरफ्तारी की खबर पर प्रदेश भर में कर्मचारी भड़क उठे। तय हुआ कि वीरवार को प्रदेश स्तर पर गिरफ्तारियां दी जाएंगी। इससे पहले सुबह गांधी पार्क पर हड़ताल में शामिल सभी विभागों के कर्मचारी एकजुट हुए।


इस मौके पर उत्तराखंड कर्मचारी शिक्षक संगठन के अध्यक्ष महेश डोबरियाल, उत्तराखंड ऊज्र कामगार संगठन के अध्यक्ष केआर कश्यप ने अपने संगठनों की ओर से आंदोलन का समर्थन किया। इंटक के प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट ने भी हड़ताल को पूरा समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पूरी तरह कर्मचारियों के शोषण पर उतारु हो गई है। महेश डोबरियाल ने कहा कि सरकार का रवैया समझ से परे है। ऐसे में सिवाय आंदोलन के दूसरा विकल्प नहीं है।


इसके साथ ही महासंघ के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह रावत व महामंत्री गजेंद्र कपिल ने कहा कि कर्मचारियों के सब्र का बांध टूट चुका है। कर्मचारी सरकार के दमन के आगे कतई नहीं झुकेंगे। इसके लिए वीरवार को जेल भरो आंदोलन छेड़ा जाएगा। इस मौके पर नगर निगम से नाम बहादुर, मैराज अहमद, शेखर पंत, नेपाल सिंह, एमडीडीए से सूर्यप्रकाश राणाकोटी, देवराज चमोली, जल संस्थान से रमेश बिंजौला, अजय धम्मी, चंद्रबल्लभ गैरोला, विजय बिष्ट, गोविंद नारायण शर्मा, रोशनलाल सेठी, दलीप नेगी आदि मौजूद रहे।

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