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डायरिया से बचाव

गर्मियों में अक्सर डायरिया की समस्या से लोगों को जूझना पड़ता है। डायरिया अपने आप में कोई बीमारी नहीं है, बल्कि यह बीमारी का लक्षण होता है। यह किसी तरह के इन्फेक्शन से हो सकता है जो भोजन, पानी, एलर्जी या तनाव आदि से होता है। नपी-तुली खुराक से पाचन क्रिया दुरुस्त होती है जिससे गर्मियों के मौसम में डायरिया की हालत में सुधार होता है। शरीर में पानी की कमी न हो इसके लिए लगातार पानी और इलैक्ट्रॉल इत्यादि का सेवन करते रहना चाहिए। डायरिया से बचने के कुछ अन्य जरूरी उपाय यहां प्रस्तुत हैं।

गरिष्ठ या बासा भोजन खाने से बचें।

कच्चे या अनपके भोजन जैसे खुले में बिकने वाले सलाद इत्यादि खाने से परहेज करें।

खाने से पहले फल-सब्जियों को अच्छी तरह धो लें क्योंकि इनमें लारवा, कीड़े या धूल-मिट्टी होती है।

भूख से थोड़ा कम खाएं, क्योंकि ग्रीष्म तु में शरीर की पाचन शक्ति कुछ कम हो जाती है।

इमली, टमाटर, नीबू, छाछ या कोकम जैसे तत्वों को अपने भोजन, सूप इत्यादि में शामिल करें।

अदरक, लहसुन, सोंठ, काली मिर्च, हल्दी, हींग, धनिया और जीरा जैसे खाद्य पदार्थ पाचन क्रिया को मजबूत करते हैं।

भिंडी, लौकी, चिचिण्डा, भुना बैंगन, करेला, सूरन के अलावा तरबूज, खरबूज, संतरा और मीठा नींबू भी डायरिया से बचाव करते हैं।

पुदीने की पत्तियों से बनी चाय अपच से लड़ने में बहुत कारगर होती है। भोजन उपरांत गर्म पानी में इसके टी-बैग को डुबाकर पीजिए, फायदा होगा।

दूध और पनीर जैसे डेयरी उत्पादों का इस्तेमाल कम करें। दही फायदेमंद होता है।

तंबाकू और कैफीन जसे तत्वों से परहेज करें।

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