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स्‍थायी समिति की बैठक में भाजपा-कांग्रेस में आरोप-प्रत्यारोप शुरू

एमसीडी की स्थायी समिति में एक बार फिर सीलिंग व तोड़फोड़ का मुद्दा गरमाया। इस मुद्दे पर पक्ष-विपक्ष ने एक दूसरे पर आरोप लगाए। संपत्तियां डी-सील करने के मसले पर अगले 15 दिन में रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए गए। निगमायुक्त ने कहा कि अवैध निर्माणों व अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करना उपायुक्तों का दायित्व है और यह कानून के तहत जारी रहेगी। इसके लिए किसी ने निर्देश नहीं दिए हैं।

पहाड़गंज में अतिक्रमण हटाने के मामले में अभी सड़क की चौड़ाई की जानकारी ली जा रही है। जरूरी हुआ तो कार्रवाई की जाएगी।विपक्ष के नेता जयकिशन शर्मा ने राजधानी में फिर से तोड़फोड़ शुरु करने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि निगम में भाजपा सीलिंग और तोड़फोड़ से लोगों को राहत दिलाने के नाम पर जीतकर आई थी लेकिन यह मसला जस का तस है। शायद भाजपा हारने को लेकर दिल्ली के लोगों को सबक सिखाना चाहती है तो सत्तापक्ष भाजपा के सदस्यों ने आरोप लगाया कि तोड़फोड़ की यह कार्रवाई  दिल्ली सरकार व केंद्र के निर्देशों पर की जा रही है।

विपक्ष के नेता ने कहा कि दिल्ली में आज भी दस हजार से अधिक दुकानें सील पड़ी हैं और लोग इन्हें खुलवाने के लिए जगह-जगह भटक रहे हैं। स्थायी समिति अध्यक्ष रामकिशन सिंघल ने भी अभी तक संपत्तियां डी-सील नहीं किए जाने पर रोष जताया तथा अगले 15 दिन में रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए। तोड़फोड़ की कार्रवाई फिर शुरु किए जाने के बारे में निगमायुक्त के.एस.मेहरा ने कहा कि यह नियमित प्रक्रिया है।

निगम के सभी 12 जोनों के उपायुक्त समय-समय पर अनियमितता की शिकायतें आने पर कार्रवाई करते हैं। तोड़फोड़ की कार्रवाई किसी के दबाव में नहीं की जा रही है। पहाड़गंज में सड़क की चौड़ाई 45 फुट है या 60 फुट, इसका पता लगाया ज रहा है। इसके बाद ही कार्रवाई की जाएगी।

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  • Web Title:एमसीडी में एक बार फिर सीलिंग का मुद्दा गरमाया