class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

हाल के कुछ महीनों में जाली व विदेशी करंसी बरामद, आतंकी नेटवर्क की आशंका बढ़ी

बिहार में जाली नोट और मादक पदार्थो के धंधे का नेटवर्क तेजी से पांव पसार रहा है। लाखों में जाली और विदेशी नोटों की बरामदगी ने सरकार के होश उड़ा रखे हैं। खासकर लश्कर कमांडर मदनी के बिहार से संबंधों के खुलासे के बाद इस बात की आशंका और बढ़ गयी है कि जाली नोट और मादक पदार्थो के धंधे का नेटवर्क आतंकियों और नक्सलियों से जुड़ा हो सकता है।

राज्य सरकार भी अब इसे चुनौती मान रही है। पुलिस ने पिछले कुछ महीनों में लाखों के जाली नोट बरामद भी किए हैं। बीते नवंबर तक पुलिस ने 16,21,000 रुपए के  जाली नोट बरामद किए। बिहार पुलिस के आंकड़े भी इसकी पुष्टि करते हैं।

वर्ष 2006 में 2,30,100 रुपए जब्त किए गए थे। वर्ष 2007 में इसमें दो गुना से भी अधिक का इजाफा हुआ। बीते साल जब्त 6,71,510 रुपए के अलावा साढ़े तीन लाख बांग्लादेसी टका भी पुलिस के हाथ लगे। धीरे-धीरे यह ग्राफ बढ़ता ही जा रहा है।

इसके अलावा पुलिस ने वर्ष 2007 में 366 अमेरिकी डॉलर और वर्ष 2008 में जांबिया और नेपाली करंसी भी जब्त की है। डीजीपी डी.एन.गौतम ने भी माना है कि जाली नोट का धंधा पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है। मादक पदार्थो के धंधे की बात करें तो हाल के कुछ महीनों में 2 पौंड हेरोइन बरामद किए जा चुके हैं।

इसके अलावा हजारों किलोग्राम गांजा भी जब्त किया गया है। सूत्रों की मानें तो नेपाल और बांग्लादेश की सीमाओं से सटे होने के कारण बिहार को आतंकी संगठन सेल्टर के तौर पर भी इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐसे में देश विरोधी तत्व अपनी गतिविधियों के लिए जाली नोट और मादक पदार्थो के धंधे के नेटवर्क का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:बिहार में पांव पसार रहा जाली नोटों का नेटवर्क