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मध्य व दक्षिण बिहार में सूखे का खतरा, विजेन्द्र के अनुरोध पर महज पांच दिन मिला पानी

यूपी ने सोन में पानी की मात्रा घटा दी है जिससे मध्य बिहार में एक बार फिर सूखे का संकट उत्पन्न हो गया है। बिहार के जल संसाधन मंत्री विजेन्द्र प्रसाद यादव के अनुरोध के बावजूद यूपी ने महज पांच दिनों तक ही सोन नदी के इन्द्रपुरी बराज को पानी दिया। हालांकि वह भी दस हजार एकड़ फीट जरूरत की जगह 6 से 9 हजार एकड़ फीट पानी ही उपलब्ध कराया गया।

10 जून के बाद यूपी ने पानी की मात्रा घटाकर मात्र 8-9 सौ एकड़ फीट कर दी है। इससे पूरे सोन कमांड क्षेत्र में सूखे का खतरा मंडराने लगा है। बिडम्बना यह है कि दोनों राज्यों के बीच पानी के बंटवारे को लेकर गठित संयुक्त प्रचालन समिति ने भी जून में बिहार को दस हजार एकड़ फीट पानी देने की अनुशंसा की, लेकिन उसपर अमल नहीं हो पा रहा है।

पानी नहीं होने के कारण किसानों के खेत सूखने लगे हैं और बिचड़ा का पटवन प्रभावित होने लगा है। उधर बिहार ने सूखे से निपटने के लिए यूपी का दरवाजा फिर खटखटाया है। उन्होंने जरूरत और समझौते के मुताबिक पानी उपलब्ध कराने को कहा है।

जल संसाधन विभाग के इंजीनियर इन चीफ देवी रजक ने यूपी हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कारपोरेशन के एमडी को पत्र भेजा है और उनसे रिहंद जलाशय से दस हजार एकड़ फीट पानी सोन नदी को उपलब्ध कराने को कहा है। यह पानी इन्द्रपुरी बराज को मिलनी है।

श्री रजक के अनुसार मंत्री द्वारा 5 जून को केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री, जल संसाधन राज्यमंत्री और यूपी के ऊर्जा मंत्री को पत्र लिखकर इन्द्रपुरी बराज पर पानी छोड़ने का अनुरोध किया था। बावजूद इसके 8-9 जून तक  पानी उपलब्ध कराया गया।

उन्होंने कहा कि संयुक्त प्रचालन समिति की अनुशंसा के अनुरूप बिहार को तत्काल दस हजार एकड़ फीट पानी दिया जाना चाहिए।

 

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  • Web Title:यूपी ने पानी की मात्रा घटाई