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कुछ ऐसा रहा भारत का सफर

कुछ ऐसा रहा भारत का सफर

दो साल पहले दक्षिण अफ्रीका में टी-20 विश्व कप का खिताब जीतने वाली महेंद्र सिंह धोनी की ‘युवा’ टीम टूर्नामेंट के दूसरे संस्करण से बाहर हो चुकी है।

पहले संस्करण में भारतीय टीम ने एक मैच हारकर खिताब तक का सफर तय किया था जबकि दूसरे संस्करण में वह सही मायने में एक भी मैच नहीं जीत सकी। ग्रुप स्तर में भारत ने आयरलैंड और बांग्लादेश जैसी अपेक्षाकृत कमजोर टीमों को हराया था लेकिन सुपर-8 दौर में उसे दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड के हाथों हार मिली।

टूर्नामेंट के दूसरे संस्करण में भारतीय टीम का सफर कुछ इस प्रकार रहा:-

ग्रुप-राउंड:  पहले मैच में भारत ने बांग्लादेश को 25 रनों से हराया। भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में पांच विकेट पर 180 रन बनाए। जवाब में खेलने उतरी बांग्लादेश की टीम आठ विकेट पर 155 रन ही बना सकी। 21 रन देकर चार विकेट लेने वाले प्रज्ञान ओझा ‘मैन ऑफ द मैच’ चुने गए।

दूसरे मैच में टीम इंडिया ने आयरलैंड को आठ विकेट से हराया। टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करते हुए भारत ने आयरलैंड को 18 ओवर तक सीमित किए गए मैच में 112 रनों पर रोका और 15.3 ओवर में दो विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। 19 रन देकर चार विकेट लेने वाले जहीर खान को ‘मैन ऑफ द मैच’ चुना गया।

सुपर-8: पहले मैच में वेस्टइंडीज ने भारत को सात विकेट से हराया। भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में सात विकेट पर 153 रन बनाए। जवाब में वेस्टइंडीज ने 18.4 ओवरों में तीन विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। 66 रन पर नाबाद लौटे ड्वेन ब्रावो ‘मैन ऑफ द मैच’ बने।

दूसरे मैच में इंग्लैंड ने भारत को तीन रन से हराया। टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करते हुए भारत ने इंग्लैंड को 153 रनों पर सीमित किया लेकिन भारतीय बल्लेबाज निर्धारित ओवरों की समाप्ति तक पांच विकेट पर 150 रन ही बना सके। 31 रन देकर दो विकेट लेने वाले रेयान साइडबॉटम को ‘मैन ऑफ द मैच’ चुना गया।

तीसरे मैच में दक्षिण अफ्रीका ने भारत को 12 रनों से हराया। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए दक्षिण अफ्रीकी टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में पांच विकेट पर 130 रन बनाए। जवाब में खेलने उतरी भारतीय टीम जेहान बोथा की धारदार गेंदबाजी के आगे 20 ओवरों में आठ विकेट पर 118 रन ही बना सकी। 63 रनों की पारी खेलने वाले अब्राहम डि विलियर्स को ‘मैन ऑफ द मैच’ चुना गया।

सुपर-आठ दौर का सबसे दुखदाई पक्ष यह रहा कि अपनी मजबूत बल्लेबाजी क्रम का दम भरने वाली टीम इंडिया दो मौकों पर लक्ष्य का पीछा करते हुए हार गई। इंग्लैंड को खिलाफ उसे तीन रनों से हार मिली जबकि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारतीय बल्लेबाज लक्ष्य से 12 रन दूर रह गए।

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