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प्रेम विवाह से विमुख होते युवा!

प्रेम विवाह से विमुख होते युवा!

एक पुरानी कहावत है- ‘विवाह तो स्वर्ग में तय होते हैं’। यह किसी भी व्यक्ति के जीवन के एक नये चरण की शुरुआत होती है। वास्तव में किसी भी रिश्ते की बुनियाद परस्पर समझ और विश्वास पर केंद्रित होती है, अत: प्रत्येक व्यक्ति के मन में यह प्रश्न उठता है कि क्या उस व्यक्तिसे विवाह करना चाहिये, जिससे हम प्यार करते हैं अथवा विवाह के उपरान्त जीवन साथी से प्यार करना चाहिये। यह सदियों पुरानी बहस आज भी प्रासंगिक है कि क्या प्रेम विवाह करना चाहिये। आजकल विवाह का सारा मानदण्ड परिवíतत हो चुका है और अरेंज्ड मैरिज प्रभावशाली होने लगी है। अधिकांश युवा लड़के और लडकियां इन अरेंज्ड मैरिज की ओर उन्मुख होते दिखाई दे रहे हैं।

अधिकांश शिक्षित, स्वतंत्र और उन्नत विचारों वाले युवा आज अरेंज्ड मैरिज की जड़ों को टटोल रहे हैं तथा माता-पिता द्वारा अपने लिये तलाशे गये चयन के परंपरागत तरीके पर विश्वास कर रहे हैं। इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर पॉपुलेशन साइंसेज (आईआईपीएस) मुंबई तथा पॉपुलेशन काउंसिल, नई दिल्ली द्वारा किये गये एक सर्वेक्षण  के अनुसार, केवल 5 फीसदी लोग प्रेम विवाह के पक्षधर हैं तथा 95 फीसदी युवा अभी भी विवाह के परंपरागत तरीके यानी अरेंज्ड विवाह के कायल हैं। यह सर्वे महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, आन्ध्रप्रदेश, बिहार, झारखंड, राजस्थान और तमिलनाडु में किया गया।

आधुनिक भारत में तीव्रता से बदलते इस विचार से आज टेलीविजन उद्योग भी अछूता नहीं रहा है और इस परिवर्तन को गले लगाने के लिये आतुर दिख रहा है। सास-बहू आख्यान अब बीते दिनों की बात रह गयी है और टेलीविजन पर एक नई लहर का अभ्युदय होता दिखाई पड़ रहा है, जिसके तहत सामाजिक संदेशों तथा रोमांस पर आधारित कार्यक्रम प्रभावी होते दिखाई पड़ने लगे हैं। मनोरंजन चैनल स्टार प्लस का नंबर एक कार्यक्रम ‘यह रिश्ता क्या कहलाता है’ विवाह के उपरान्त प्रेम की तलाश की परिकल्पना पर आधारित है, जिसकी नायिका अक्षरा विवाहोपरान्त प्रेम की सार्थक तलाश में भटक कर जीवन के उतार-चढमव से बखूबी परिचित होती है।

राजन शादी द्वारा निर्मित यह धारावाहिक दर्शकों द्वारा खूब पसंद किया जा रहा है। लेकिन उनसे यह सवाल करने पर कि उन्हें किस प्रकार का विवाह पसंद है, उन्होंने कहा, ‘मैं प्रेम विवाह का पक्षधर हूं, लेकिन जब से ‘यह रिश्ता’ जो कि विवाहोपरान्त प्रेम पर आधारित है, में एक ऐसे पहलू को देख रहा हूं, जिसे मैंने कभी भी अनुभव नहीं किया था और यह वास्तव में मेरे लिये भी एक खोज के समान है।’

दूसरी तरफ इस धारावाहिक में नायक नैतिक की भूमिका निभाने वाले करन मेहता का कहना है, ‘मेरे माता-पिता का सफल वैवाहिक जीवन रहे हैं और मैं स्वाभाविक रूप से उनके रास्ते पर चलना चाहूंगा और अरेंज्ड मैरिज करूंगा।’ हिना खान उर्फ अक्षरा जो इस धारावाहिक में नायिका की भूमिका में हैं और पर्दे के जीवन में विवाहित हो चुकी हैं। उनका मानना है कि विवाह समर्पण, विश्वास और उत्तरदायित्व के धरातल पर आधारित है। एक अरेंज्ड मैरिज में पति-पत्नी दोनों को एक दूसरे को समझने, स्वीकार करने तथा एडजस्ट करने में सहायता मिलती है। यह एक ऐसी अवधारणा है, जिसके अंतर्गत एक नये व्यक्ति के साथ रहने तथा उसके शारीरिक रूप तथा कमजोरियों से परे जाकर प्रेम का अभ्यास करना पड़ता है, जो विवाहित युगलों को आजीवन सूत्र बंधन में पिरो देता है। दिलचस्प बात है कि छोटे परदे के कई दूसरे कलाकार भी अरेंज्ड मैरिज के ही पक्षधर दिखाई पड़ते हैं। अगर ऐसा है तो क्या हम अपनी जड़ों की ओर लौट रहे हैं?

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  • Web Title:प्रेम विवाह से विमुख होते युवा!