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ईआरपी

ईआरपी यानी इंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग, एक ऐसा कंप्यूटर सॉफ्टवेयर सिस्टम है, जिसका इस्तेमाल किसी कंपनी के सभी विभागों और कार्यो को एक कॉमन कंप्यूटर सिस्टम के जरिए समन्वित करने के लिए किया जाता है। ईआरपी द्वारा इन सभी विभागों को एक इंटीग्रेटेड सॉफ्टवेयर प्रोग्राम से जोड़ दिया जाता है, ताकि सभी विभाग आसानी से एक-दूसरे से जानकारी व सूचनाओं का आदान-प्रदान कर सकें।

उदाहरण के लिए ईआरपी सिस्टम की मदद से वित्त में काम करने वाला व्यक्ति वेयरहाउस सॉफ्टवेयर से जुड़ कर यह आसानी से जान सकता है कि कोई ऑर्डर विशेष भेज गया है या नहीं। इसका एक फायदा यह भी है कि आपको इसके लिए पूरा पैकेज खरीदने की आवश्यकता नहीं है, आप कुछ मॉड्यूल्स को इंस्टाल कर कार्य कर सकते हैं। इसके लिए कंपनी को ईआरपी वेंडर्स अथवा तीसरे पक्ष की मदद की जरूरत होती है। ये कंपनियां कंसल्टिंग, कस्टमाइजेशन और सपोर्ट तीन प्रमुख प्रोफेशनल सर्विस उपलब्ध कराती हैं। 

ईआरपी किसी कंपनी के कागजी कार्यो की प्रक्रिया में गति लाता है। उदाहरण के लिए ग्राहक का ऑर्डर लेने के बाद उसे इनवॉइस और राजस्व विभाग तक संप्रेषित करने की प्रक्रिया को पूरा करने में काफी कम समय लगता है। सभी विभाग सूचनाओं को ईआरपी सिस्टम की मदद से अपडेट करते रहते हैं।  इसी कारण इसे बैक-ऑफिस सॉफ्टवेयर भी कहा जाता है।

ईआरपी के जरिए अब कस्टमर सर्विस रिप्रेजेंटेटिव महज टाइपिस्ट की भूमिका तक सीमित नहीं रहे हैं। ईआरपी का एक लाभ यह भी है कि इसमें ऑर्डर प्रक्रिया के तहत त्रुटियों की संभावना भी काफी कम हो जाती है।

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