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राजद की खिसकती जमीन का असर बैठक में भी नजर आया

लोकसभा चुनाव में राजद की खिसकी जमीन का असर विधायकों की बैठक में नजर आया। मंगलवार को राजद विधायक दल की बैठक में मात्र 40 विधायक ही पहुंचे। वह भी तब जबकि बैठक में राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद के उपस्थित रहने का कार्यक्रम पहले से तय था।

वैसे विधानसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक रामचन्द्र पूर्वे ने दावा किया कि अब पार्टी के विधायकों की संख्या 50 रह गई है जिसमें 45 बैठक में हाजिर हुए है। पर हकीकत में पार्टी के अभी 49 विधायक हैं जिसमें से मंगलवार को 9 नदारद रहे। हालांकि डा. पू्र्वे ने कहा कि  बैठक में न आने वाले विधायक शादी-ब्याह के कारण सूचना देकर ही बैठक से गैरहाजिर रहे हैं।

हसनपुर के विधायक सुनील कुमार पुष्पम, मनेर के विधायक श्रीकांत निराला, बेलागंज के विधायक सुरेन्द्र प्रसाद यादव, कटोरिया के विधायक राजकिशोर प्रसाद उर्फ पप्पू यादव, हायाघाट के विधायक हरिनन्दन यादव, भोरे के विधायक अनिल कुमार, बैकुण्ठपुर के विधायक देवदत्त प्रसाद, बसंतपुर के विधायक माणिकचन्द्र राय और रुपौली की विधायक बीमा भारती बैठक में शामिल नहीं हुईं।

सूत्रों की मानें तो श्रीकांत निराला दिल्ली और सुनील पुष्पम जयपुर में हैं और उन्होंने अपनी अनुपस्थिति की सूचना पार्टी को दी है। वहीं सुरेन्द्र प्रसाद यादव राजद के दिवंगत पूर्व मंत्री सहदेव प्रसाद यादव की अंत्येष्टि में शामिल होने गया में हैं। देवदत्त प्रसाद अपने क्षेत्र के एक शादी समारोह में शामिल होने के कारण पटना से बाहर हैं। दूसरी तरफ राजद के तीन विधायक पार्टी छोड़ चुके हैं।

श्याम रजक और महाबली सिंह जदयू में शामिल हो गये है। जबकि रमई राम कांग्रेस से लोकसभा चुनाव हार अब कांग्रेस भी छोड़ चुके हैं। जगदानन्द सिंह राजद के ही एमपी बन गये हैं। वहीं धनहा के विधायक राजेश सिंह और लखीसराय के विधायक फुलेना सिंह को लालू प्रसाद ने ही पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाते हुए लोकसभा चुनाव के दौरान सार्वजनिक मंच से पार्टी से निकाल दिया है। इस हिसाब से राजद के अब 49 विधायक हैं।

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  • Web Title:राजद की बैठक में विधायक रहे गायब