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लखनवी चिकन के कूल कुरते

लखनवी चिकन के कूल कुरते

गर्मियों का मौसम आ गया है और लोग हल्के रंगों के कपड़े पहनने लगे हैं। यदि हम गर्म मौसम के कपड़े की बात करें तो सफेद रंग से बढि़या कौन-सा रंग हो सकता है? गर्मी में सफेद कपड़े की भरमार रहती है। सफेद कपड़े में भी नाना प्रकार की किस्में होती हैं। वैसे गर्मियों के लिए सबसे बढि़या सूती कपड़ा रहता है। सूती कपड़ा शरीर को ठंडक भी देता है, आराम भी पहुंचाता है और पसीना भी सोखता है।

लखनवी कुरते भी कुछ ऐसे ही होते हैं, जिन्हें लखनवी चिकन के नाम से भी जाना जाता है। इसका कारण यह है कि लखनऊ में चिकन बनाने के बहुत से कारखाने हैं। हर कारखाने में बहुत सारी खड्डियां लगी रहती हैं, जिन पर लखनवी चिकन का कपड़ा बुना जाता है। दिल्ली में यूं तो लखनवी चिकन को प्राप्त करने के बहुत से स्थान हैं, मगर इनमें चीप एंड बेस्ट जाकिर नगर, मेन रोड के इरफान मियां की समी गारमेंट्स की दुकान बड़ी प्रसिद्ध है। इरफान मियां बताते हैं कि जो एक बार उनके यहां का कुरता-पायजामा पहन लेता है, उसे कुछ ऐसा महसूस होता है कि वह बार-बार वहीं आता है।

वास्तव में बात यह है कि यदि शरीर के लिए सबसे बढि़या कपड़ा सूती कपड़ाहै तो उसकी शुद्धता और गुणवत्ता का निचोड़ लखनवी चिकन है। इससे शरीर को तो आराम मिलता ही है, देखने में भी इससे बनी पोशाक बड़ी भली लगती है। यह उस शरीर का स्टेटस बढ़ा देती है, जो उसे धारण करे।
अन्य जगहों के साथ-साथ इरफान मियां के यहां भी 100 से लेकर 2000 रुपए तक के कुरते-पायजामे का सेट मिलता है। यही नहीं, पुरुषों के अतिरिक्त लेडीज और छोटे बच्चों के कुरतों के सेट भी मिल जाते हैं। वैसे तो बिक्री हमेशा होती है, पर सबसे ज्यादा बिक्री गर्मी के मौसम में ही होती
है, जो मार्च से शुरू होकर अक्तूबर तक चलती है।

लखनवी चिकन के ये कुरते इतने नर्म और नाना प्रकार के गुल-बूटों और डिजाइनों (सभी सफेद रंग में) में होते हैं कि देखते ही बनता है। क्रोशिया की बुनाई द्वारा किए गए डिजाइनों की बात ही अलग होती है। बीते समय में क्या शहंशाह, क्या राजे-महाराजे और क्या ही नवाब, सभी अपने-अपने समय में लखनवी चिकन के कपड़े में रहते थे। जहां तक लखनऊ के नवाबों का संबंध है, उनके अंगरखे तो बड़े महंगे बना करते थे, जिसका कारण उनके ऊपर की गई सफेद धागे की बुनाई या क्रोशिया द्वारा कशीदाकारी हुआ करती थी।

एक समय था कि लखनवी चिकन के कुरते पहनना हर एक के बस की बात नहीं थी, क्योंकि पुराने वक्तों में यह पूर्ण रूप से हाथ की सिलाई से बनाए जाते थे और देश की सबसे बढिया कॉटन से तैयार होते थे। आज भी भारत, मिश्र और बांग्लादेश अपने बेहतरीन कॉटन के लिए विश्वविख्यात हैं।  तो फिर इस मौसम में भारतीयों का मनपसंद पहनावा यह भला क्यों न हो!

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  • Web Title:लखनवी चिकन के कूल कुरते