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कर्मचारी लोकहित में अपनी हड़ताल वापस ले: खंडूरी

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री भुवनचन्द्र खंडूरी ने निकाय कर्मचारियों से लोकहित में हड़ताल वापस लेने की अपील की है। श्री खंडूरी ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के हित में हर संभव कार्य कर रही है। निगम कर्मचारियों को छठे वेतन आयोग की संस्तुतियों का लाभ देने के लिए सरकार द्वारा उपसमिति गठित की गई है। इसके साथ ही जो कर्मचारी इस परिधि में नहीं आ पा रहे है उन्हें किस प्रकार इसका लाभ दिया जाए इसके लिए भी उप समिति से सुझाव मांगे गए हैं।

उन्होंने कहा कि जो निगम लाभ में है उनके कर्मचारियों को छठे वेतन आयोग का लाभ शीघ्र दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हड़ताल किसी समस्या का समाधान नहीं है बल्कि मांगों के संबंध में वार्ता कर समस्या का समाधान करना चाहिए।

उत्तराखंड के निकाय कर्मचारियो ने श्री खंडूरी की अपील ठुकराते हुए दूसरे दिन भी अपनी हड़ताल जारी रखी और घोषणा की कि एक दो दिन में जेल भरो आन्दोलन शुरु किया जाएगा।
प्रशासन ने हड़तालियों से निपटने के लिए कल रात से लोकहित में छह माह के लिए जल संस्थान और पेयजल निगम सेवाओं को आवश्यक
सेवाएं घोषित करते हुए हड़ताल को निषिद्ध कर दिया है और कुछ हड़ताली कर्मचारियों के खिलाफ एस्मा कानून के तहत मुकदमे दर्ज कराए गए हैं।

हड़ताल के कारण सोमवार से जलआपूर्ति व्यवस्था ठप्प हो गई है जिससे लोगों को पानी के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कार्यकारी राजधानी देहरादून में महिलाएं और छोटे-छोटे बच्चे बाल्टियां और डिब्बे लेकर पानी की टंकियों के आगे लाइन लगाए खड़े हैं। कई घरों में टेंकरों से पानी मंगाकर काम चलाया जा रहा है।

उत्तराखंड निकाय कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष भूपेन्द्र रावत ने बताया कि आज कर्मचारियों ने बैठक कर आन्दोलन तेज करने का निर्णय किया है, इसके तहत एक-दो दिन में जेल भरो आन्दोलन शुरु किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को शांतिपूर्वक आन्दोलन जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं, इसके बावजूद यदि प्रशासन ने दमन की नीति अपनाई तो इसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को प्रशासन ने अभी तक वार्ता के लिए नहीं बुलाया है।

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