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जीवन कौशल शिक्षा कार्यक्रम पर कार्यशाला का आयोजन

चिकित्सा स्वास्थ्य एंव परिवार कल्याण विभाग ने उत्तराखंड राज्य एड्स नियंत्रण समिति की मदद से जीवन कौशल शिक्षा कार्यक्रम पर आईएमए हॉल में कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बोलते हुए मुख्य अतिथि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव केशव देसी राजू ने कहा कि जीवन कौशल शिक्षा कार्यक्रम को राज्य में जल्द से जल्द लागू किए जाने की आवश्यकता है ताकि किशोरों के स्वास्थ्य को सुनिश्चित किया जा सके। किशोरावस्था की जिज्ञासाओं को शान्त किया जा सके। जैसे जेंडर एजुकेशन, एड्स एजुकेशन विषय शामिल हैं। इन विषयों पर जानकारी देने से हम किशोरों को एक सही दिशा में ले जा सकते हैं।


स्वास्थ्य एंव परिवार कल्याण की महानिदेशक प्रेमलता जोशी ने भी जीवन कौशल कार्यक्रम को राज्य में शीघ्र लागू करने की बात कही। स्वास्थ्य विभाग के निदेशक केएल आर्य ने इस कार्यक्रम को लागू करने के लिए इस प्रक्रिया में अभिभावकों को भी शामिल किए जाने की बात कही।


कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य मानव संसाधन एंव विकास मंत्रालय व एड्स कंट्रोल आर्गेनाईजेशन द्वारा प्रस्तावित जीवन कौशल शिक्षा को राज्य में बेहतर ढंग से लागू करने के  लिए राय लेने का काम किया गया। जिसमें किस तरह कौशल शिक्षा को स्कूलों में छात्रों को पढ़ाया जाय, क्या इसमें बदलाव करने की जरूरत है, क्या इसमें और मुद्दे जोड़े जाने चाहिए। जैसे बिन्दुओं पर लोगों की राय ली गयी। कौशल शिक्षा के तहत सैक्स एजुकेशन, एड्स, मानसिक स्वास्थ्य के साथ-साथ किशोरावस्था में शरीर में आने वाले शारिरिक बदलावों के विषय में छात्रों को शिक्षित किया जायेगा। केंद्र सरकार ने इस एजुकेशन के लिए कम से कम 16 घंटे पढा़ने की अनिवार्यता बनायी है। गैर सरकारी संस्थाओं के सदस्य, शिक्षक, पंचायत के सदस्यों ने भाग लिया।


कार्यशाला में शामिल लोगों ने इस कार्यक्रम को केश स्टडी, ग्रुप स्टडी जैसे माध्यमों से लागू किए जाने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि इस कार्यक्रम को इस तरह लागू किया जाय कि छात्र इसमें बेझिझक भाग ले सकें।
कार्यशाला में कौशल शिक्षा कार्यक्रम को लागू किया जाना क्यों जरूरी है ? जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने अपनी राय जहिर की। एनआर एचएम के जिला प्रभारी वीएस टोलिया ने किशोरोवस्था में आने वाली समस्याओं पर विचार व्यक्त किए। एड्स सोसायटी के नरेश मठपाल ने जीवन कौशल कार्यक्रम को क्यों लागू किया जना है विषय पर बात रखी।


एड्स सोसाइटी के केशव तिवारी ने कार्यक्रम के सभी आयामों पर विस्तार से चर्चा की। इससे पहले इस तरह की कार्यशालांए अल्मोडा और पौड़ी में आयोजित की जा चुकी हैं। जीवन कौशल शिक्षा कार्यक्रम को शुरूआत में राज्य के 500 सरकारी स्कूलों में लागू किया जायेगा। इस कार्यक्रम को कक्षा नौ व 11 कक्षा के छात्रों को ही पढ़ाया जायेगा। स्कूलों को एनसीआरटी द्वारा चुना जायेगा। कार्यक्रम में एनआरएचएम के वीएल जोशी, पीयूष कुमार भी उपस्थित थे।

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