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गांवों में 40 गेस्ट हाउस अवैध

चंडीगढ़ के गांवों में 40 गेस्ट हाउस अवैध रुप से चल रहे हैं। नगर निगम के सर्वे में यह खुलासा हुआ है। सूत्रों का कहना है कि निगम ने हाल ही में गेस्ट हाउसों को लेकर एक सर्वे कराया था, जिसकी रिपोर्ट प्रशासन को सौंप दी है।

कुछ साल पहले प्रशासन ने नगर-निगम को कई गांव सौंप दिए थे। निगम में आते ही गांवों में बिल्डिंग बाईलॉज लागू हो गए, लेकिन ये गेस्ट हाउस बाईलॉज लागू होने के पहले ही बनकर तैयार हो गए थे। इनसे निगम को न तो फायदा हो रहा है न ही इन्हें गिराया जा रहा है। बिल्डिंग बाईलॉज के नियमों के अनुसार गांव में बनने वाली हर बिल्डिंग के लिए नगर निगम से नक्शा पास कराना जरूरी कर दिया गया। लेकिन इन गेस्ट हाउसों का क्या किया जाए इसको लेकर निगम के अफसर कुछ नहीं कह पा रहे हैं।

उन्होंने प्रशासन से निर्देश देने की मांग की है। गौरतलब है कि प्रशासन ने चंडीगढ़ में गेस्ट हाउसों पर प्रतिबंध लगा दिया है। शहर में अब कोई गेस्ट हाउस नहीं चल रहे हैं, लेकिन गांवों में क्या किया जाए इसको लेकर निगम में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इस मामले को उन्होंने गृह सचिव तक उठाया था, जिसके बाद गृह सचिव ने इस बारे में कुछ दिनों पहले अफसरों की बैठक बुलाई थी। बैठक में इन गेस्ट हाउसों को लेकर विचार किया गया था। सूत्रों का कहना है कि निगम चाहता है कि  गेस्ट हाउसों को लेकर पॉलिसी बनाई जाए, लेकिन इसका फैसला प्रशासन करेगा। निगम के अफसरों से सभी विकल्पों पर विचार करने के लिए कहा गया है।


इनसे एक मुश्त फीस लेकर इन्हें नियमित भी किया जा सकता है। यदि ऐसा किया गया तो निगम को इससे खासी आय हो सकती है और भविष्य में इन पर बाईलॉज भी लागू हो सकते हैं। इन गेस्ट हाउस में यदि और निर्माण किया जाता है तो फिर मालिकों को निगम से इसकी अनुमति लेनी होगी। निगम के डिप्टी मेयर विजय सिंह राणा ने कहा है कि प्रशासन को इन गेस्ट हाउसों को नियमित कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों की जमीन एक्वायर कर ली गई है, उनके पास रोजी रोटी का यही जरिया बचा है इसलिए प्रशासन को इस बात को भी ध्यान में रखना चाहिए।

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