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यूएस से लौटे छात्रों में स्वाइन फ्लू

यूएस से लौटे छात्रों में स्वाइन फ्लू

देश में स्वाइन फ्लू गंभीर रूप अख्तियार करने लगा है। अमेरिका से धड़ाधड़ स्वाइन फ्लू के रोगी भारत पहुंचे रहे हैं। जालंधर के 31 छात्रों का अमेरिका से लौटा ग्रुप स्वाइन फ्लू की चपेट में है। इनमें से एक छात्र को यहां आईजीआई एयरपोर्ट स्थित क्वारंटाइन अस्पताल में भर्ती किया है। उसमें स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो गई है।
रविवार को इस ग्रुप के दो छात्रों को तेज बुखार आने पर जालंधर के अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनके नमूने जांच के लिए दिल्ली भेजे गए हैं। बाकी 28 छात्रों के स्वास्थ्य पर नजर रखी जा रही है। चिंताजनक बात यह है कि नासा के एजुकेशन ट्रिप पर दिल्ली, नोएडा, पटना समेत कई शहरो से छात्रों के ग्रुप अमेरिका गए हैं। उधर, बेंगलुरु में अमेरिका से लौटी मां और उसकी बेटी में भी फ्लू की पुष्टि हो गई है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, जालंधर के गुरु अमरदास पब्लिक स्कूल के 31 छात्रों का एक ग्रुप नासा के एजुकेशन टूर से 13 जून को कतर एयरवेज की फ्लाइट क्यूआर-231 से दिल्ली पहुंचा। इनमें से 12वीं कक्षा के 17 वर्षीय छात्र को फ्लू के लक्षणों के चलते अस्पताल में भर्ती किया गया। रविवार को उसमें फ्लू की पुष्टि हुई। स्वास्थ्य मंत्रालय की एक टीम जल्द ही जलंधर जाएगी।

उधर, 12 जून को न्यू जर्सी से एयर फ्रांस की फ्लाइट-192 से बेंगलुरु पहुंची एक 29 वर्षीया महिला और उसकी 3 साल की बच्ची में भी स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो गई है। इनका उपचार चल रहा है। बेंगलुरु से पांच और संदिग्ध मरीजों के नमूने जांच के लिए एनआईसीडी दिल्ली भेजे गए हैं।

केंद्र सरकार ने दिल्ली और कर्नाटक सरकार को कतर एयरवेज और एयर फ्रांस की उपरोक्त फ्लाइटों से पहुंचे सभी यात्रियों के स्वास्थ्य की जांच के आदेश दिए हैं। शनिवार को ज्वाइंट मॉनीटरिंग कमेटी की बैठक में अमेरिका से आ रहे फ्लू रोगियों के चलते बात उठी कि कुछ समय के लिए अमेरिका से वायु संपर्क बंद रखा जाए। हालांकि सरकार इसके लिए तैयार नहीं है। संक्रमित देशों से रोजना तकरीबन 28 हजर यात्री भारत पहुंच रहे हैं।

अमेरिका से पहुंच रहा है फ्लू : देश में अब तक कुल 20 रोगी आए हैं। इनमें से 17 अमेरिका तथा एक ब्रिटेन से लौटा है। यहां से रोज तकरीबन 5 हजर यात्री भारत आ रहे हैं।  एक दिक्कत यह भी है कि फ्लू का संक्रमण सात दिनों में विकसित होता है। यानी संक्रमित व्यक्ित न्यूयॉर्क एयरपोर्ट पर स्वस्थ हो सकता है, लेकिन दिल्ली पहुंचने के बाद वह बीमार पड़ सकता है।

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