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थ्री जी

थ्री जी तकनीक ने मोबाइल की दुनिया को पूरी तरह से बदल कर रख दिया है। इस तकनीक में स्पैक्ट्रकल क्षमता में बदलाव करके मोबाइल फोन की क्षमता को सुधारा गया है। इस फोन पर ही आप हाई स्पीड इंटरनेट एक्सेस, डाटा वीडियो और सीडी क्वालिटी की म्युजिक सíवस के साथ न्यूज चैनल भी देख सकते है।

थ्री जी फोन सबसे पहले 2001 में जापान में लांच किया गया था। थ्री जी फोन पर आप इंसान का चेहरा अपने मोबाइल की स्क्रीन पर देख सकते है और अगर बात करने वाले के पास थ्री जी फोन हो, तो एक दूसरे को देखते हुए बात कर सकते है।

इसी तरह फोर जी वायरलैस सेवा की चौथी पीढ़ी है। थ्री जी तकनीक में ओएफडीएमए (आर्थोगोनल फ्रिक्वेंसी डिवीजन मल्टीपल एक्सेस) की सहायता से नेटवर्क की सुविधा को और बेहतर बनाया ज सकेगा। फोर जी पूरी तरह से आईपी आधारित सेवा होगी। इसमें वॉयस, डाटा और मल्टीमीडिया को समान गति से भेज और रिसीव किया ज सकेगा। फोर जी की गति 100 एमबीपीएस होगी, जो कि थ्री जी के मुकाबले 50 गुना अधिक होगी।

थ्री जी वायरलेस नेटवर्क में 384 केबीपीएस से 2 एमबीपीएस की गति से ही डाटा भेज ज सकता था। थ्री जी के मुकाबले फोर जी का डाटा रेट ज्यादा है यानी डाटा का ट्रांसफर तेज गति से किया ज सकेगा। थ्री जी तकनीक जहां वाइड एरिया नेटवर्क कांसेप्ट पर काम करती है, जबकि फोर जी लोकल एरिया नेटवर्क (लेन) और बेस स्टेशन वाइड एरिया नेटवर्क पर काम करती है। इससे स्पीड बढ़ने के साथ, यूनीफॉर्म भी हो जाएगी।

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