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अमेरिका अब भी चाहता है ईरान से बातचीत करना

अमेरिका अब भी चाहता है ईरान से बातचीत करना

अमेरिका ने एक ओर ईरान में मतगणना के बाद उठे विवादों के शांतिपूर्ण समाधान की अपील की है वहीं विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने इन चुनाव परिणामों के ईरानी जनता की उम्मीदों के अनुरूप रहने की उम्मीद जताई है।

व्हाइट हाउस से प्राप्त खबरों के मुताबिक अमेरिका अब ईरान के साथ परमाणु विवाद सहित तमाम मसलों पर बातचीत के पक्ष में है। एक अमेरिकी अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा कि उनका देश चाहता है कि इस मौके का लाभ उठाकर ईरान सरकार उससे सीधी बातचीत शुरू करे।

संभावना जताई जा रही है कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान के मसले पर इटली में इस महीने होने वाली आठ देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में अमेरिका ईरान से सीधी बातचीत शुरू करने की पहल कर सकता है। इस बैठक में भाग लेने के लिए ईरान को भी आमंत्रित किया जा सकता है।

दूसरी ओर कनाडा की संक्षिप्त यात्रा पर पहुंची हिलेरी क्लिंटन ने नियाग्रा फाल्स में कनाडाई विदेश मंत्री लारेंस कैनन के साथ संयुक्त संवादाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए शनिवार को कहा कि ईरानी चुनाव के दौरान जनता के उत्साह और विचारोत्तेजक बहस पर अमेरिका की पैनी निगााह रही। उन्होंने कहा कि सारी दुनिया के साथ साथ अमेरिका को ईरानी जनता के फैसले की प्रतीक्षा थी। हमें उम्मीद है कि इन परिणामों के जरिए ईरान की जनता की भावनाएं सामने आएंगी।

कैनन ने कहा कि ईरानी चुनाव में धांधली और हिंसा की खबरों से उनका देश चिंतित है। उन्होंने कहा कि ईरान में मौजूद कनाडाई राजनयिकों ने स्थिति का बारीकी से अध्ययन करके निष्पक्ष और पारदर्शी मतगणना की मांग की थी।

गौरतलब है कि अमेरिका की उम्मीदों के विपरीत अहमदीनेजाद को इन चुनावों में प्रचंड सफलता हासिल हुई है। ऐसा माना जा रहा है कि उनके पुनर्निर्वाचन से अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की उन कोशिशों को झटका लग सकता है जिसके तहत उन्होंने ईरान से रिश्ते सुधारने की कवायद शुरू की थी।

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