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ऑस्ट्रेलिया का 'ऑल फॉल डाउन'

ऑस्ट्रेलिया  का 'ऑल फॉल डाउन'

इसे कहते हैं किस्मत! वाकई क्रिकेट के खेल की सबसे बड़ी खूबी इसकी अनिश्चितता है। इसी के चलते विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया आज आसमान से जमीन पर औंधे मुंह आ गिरा है।

कंगारुओं का इस साल टी20 विश्वकप के पहले चरण में बाहर होना और आयरलैंड व हॉलैंड जैसी कमजोर मानी जाने वाले टीमों का इस क्रिकेट महायुद्ध के दूसरे चरण में यानि कि सुपर आठ में पहुंचना यही दर्शाता है कि कंगारुओं की बादशाहत अब खत्म होने की कगार पर है।

इसे भाग्य का उलटफेर कहें या अधिक आत्मविश्वास का प्रकोप या फिर टीम के कुछ बड़े खिलाड़ियों की कमी। कारण कोई भी हो, पर सच्चाई यही है कि ऑस्ट्रेलियाई टीम को अब रिनाइसां (नवचेतना) की जरुरत है। वेस्टइंडीज और श्रीलंका से करारी हार के बाद तो कम से कम यही लगता है।

अभी हाल ही के टी20 मैचों को देखा जाए तो साफ जाहिर है कि किस तरह पोंटिंग की टीम वेस्टइंडीज के क्रिस गेल की धांसू बल्लेबाजी और श्रीलंका के मेंडिस की चक्रीय गेंदबाजी के सामने पिठू खेल के पत्थरों की तरह धराशायी हो गई। ऐसा लगता है कि कभी अपनी उम्दा क्रिकेट और तेज गेंदबाजी का चिन म्यूजिक सुनाकर विरोधी टीमों को भयभीत कर देने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम का जादू खत्म हो चला है।

यही नहीं, श्रीलंकाई टीम से करारी हार के गम से पोंटिंग की टीम अभी उबर भी नही पाई थी कि उस पर धीमा ओवर रेट रखने का जुर्माना लग गया। जिसे कप्तान रिकी पोंटिंग को मैच फीस का दस प्रतिशत व अन्य खिलाड़ियों को पांच प्रतिशत बतौर सजा चुकाना पड़ा। अब यह तो वही बात हो गई कि खाया-पीया कुछ नहीं, गिलास तोड़ा बारह आना!

पर ठहरिए जनाब! बात अभी यहीं खत्म नहीं हुई है। टवेंटी20 मैचों में लगातार पांच बार हारने के बाद अब कंगारुओं को क्रिकेट छोड़ कर साइमंडस् की तरह मछली मारने और मौज-मस्ती करने की सलाह मिली है। गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलिया को यह सलाह इंग्लिश मीडिया ने दी है और-तो-और घूमने-फिरने के लिए अपने यहां की कुछ अच्छी जगहों के नाम भी बता दिए हैं। इसके साथ-साथ उसने जुलाई में होने वाली एशेज सीरीज से पहले बदला लेने की वर्कशॉप अटैंड करने् की सलाह तक दे डाली। एक ओर तो टी20 विश्व कप से दूर होने का गम और दूसरी ओर ये सलाहों की बौछार, बेचारी ऑस्ट्रेलियाई टीम!

अपने एक इंटरव्यू में कप्तान पोंटिंग ने कहा "मैं पिछले कुछ दिनों में हुई नकारात्मक चीजों पर ध्यान नहीं देना चाहता और पिछले कुछ महीनों में विकसित हुई अपनी मजबूत टेस्ट टीम के प्रदर्शन से इसका जवाब देना चाहूंगा।" चलिए कोई नहीं, उम्मीद पर ही दुनिया कायम है। हम भी यही उम्मीद करेंगे कि आने वाली एशेज सीरीज में ऑस्ट्रेलिया कुछ बेहतर प्रदर्शन करे और उसका पूरी तरह 'फॉल डाउन' होने से बच जाए।

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