class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

पूर्वाचल में सामुदायिक विकास योजना शीघ्र

देश में ग्रामीण विकास को गति देने के लिए केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से राज्य में शीघ्र ही सामुदायिक विकास परियोजना शुरू की जाएगी। जुलाई 2007 में इस परियोजना को कुछ तकनीकी कारणों से पूरे देश में बंद करना पड़ा था। इस वर्ष यह स्कीम दोबारा शुरू हो रही है, जिसे यूपी में सबसे पहले राजकीय पॉलीटेक्निक लखनऊ में 10 जून को लांच किया गया है।


परियोजना के लिए आर्थिक सहायता केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय उपलब्ध कराएगा जबकि क्रियान्वयन पॉलीटेक्निक कॉलेजों के जरिए किया जाएगा। जुलाई के प्रथम सप्ताह में पेश होने वाले केन्द्रीय बजट में इस स्कीम को संचालित करने के लिए आवश्यक फंड मिल जाने की उम्मीद है।


प्राविधिक शिक्षा (पूर्वी क्षेत्र) के संयुक्त निदेशक मधुकर ने बताया कि इस क्षेत्र के लगभग दो दर्जन जिलों में यह योजना अगस्त तक शुरू कर दिए जाने की संभावना है। इसके तहत 6-6 महीने के स्वरोजगार से जुड़े विभिन्न पाठ्यक्रम जैसे इलेक्ट्रिशयन, हाउस वायरिंग, मोटर बाइंडिंग, डीजल इंजन रिपेयरिंग, प्लम्बिंग, कारपेंटरी, रेडियो-टीवी मैकेनिक, बैटरी मेंटीनेंस, ब्यूटी पार्लर, कटिंग एंड टेलरिंग आदि कोर्स मुफ्त में सिखाए जाएंगे।


जिन पॉलीटेक्निक में यह योजना पहले भी संचालित की जाती थी, उन्हें 17 लाख व नए स्थापित पॉलीटेक्निक को 20 लाख की राशि दिया जाना प्रस्तावित है। सभी पॉलीटेक्निक में 10-10 कोर्स संचालित किए जाएंगे और प्रत्येक संस्था को हर वर्ष 600 युवाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य दिया गया है। प्रशिक्षुओं को रॉ मैटेरियल और औजर पॉलीटेक्निक की ओर से मिलेंगे।


योजना के तहत गांव के युवाओं को प्रशिक्षित करने पर जोर दिया जाएगा। पॉलीटेक्निक में इन कोर्सो को चलाने के साथ ही संस्था की ओर से गांवों में इंस्ट्रक्टर रखकर एक कमरा किराए पर लिया जाएगा, जहां पाठ्यक्रम संचालित किए जा सके। पाठ्यक्रम शुरू करने से पहले अखबारों के माध्यम से इसकी सूचना जारी की जाएगी।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:पूर्वाचल में सामुदायिक विकास योजना शीघ्र