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क्योंकि जनता हमसे बेहतर जज करती है

क्योंकि जनता हमसे बेहतर जज करती है

शादी के बाद सोनाली बेंद्रे ने बेशक फिल्मों को टा टा कह दिया था, लेकिन थोड़े ही समय बाद वह छोटे परदे पर दिखाई देने लगीं। बतौर जज यह उनकी दूसरी पारी है। पेश है उनकी बातचीत के कुछ अंश

कलर्स पर आने वाले अपने नए शो के बारे में कुछ बताइए?
इस शो का मकसद भारतीय युवा प्रतिभा को सामने लाना है। प्रतिभा सिर्फ म्यूजिक और डांस तक नहीं होती। ‘इण्डिया गॉट टेलेंट’ में सभी को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा।
 
आपका शो दूसरे रियलिटी शो से अलग कैसे है?
ये शो किसी भी एक प्रतिभा पर टिका नहीं है। इसमें 2 मिनट में मंच पर किसी को भी टेलेंट दिखाने की इजाजत है। इसमें प्रतियोगी फायर बॉल के साथ भी खेल सकते हैं और डांस भी कर सकते हैं। इस शो में उम्र की सीमा नहीं है।

क्या इसमें एसएमएस से होने वाले निर्णय शामिल हैं? 
हां, क्योंकि जनता टेलेंट को हमसे बेहतर जज कर सकती है।

क्या एसएमएस निर्णय से कई प्रतिभाएं व्यर्थ नहीं हो जातीं?
हो सकता है, लेकिन ये तो भाग्य का खेल है।

ऑडिशन करते हुए कौन सी बातें अच्छी लगीं?
ऑडिशन में मुझे कोलकाता का छाओ डांस देखने को मिला, जो मुझे बहुत अच्छा लगा। इससे इस शो से हमें भारतीय संस्कृति और सभ्यता को समझने का पूरा मौका मिलेगा।

फिल्मों से टीवी की ओर कदम रखने की कोई खास वजह?
ये तो जिन्दगी का एक पड़ाव है। पहले मैंने फिल्में चुनीं और अब टीवी। कोई खास वजह नहीं है।

1993 में लॉ छोड़कर ग्लैमर में आनी की कोई खास वजह?
मैं शुरू से ही ग्लैमर में आना चाहती थी। कॉलेज से ही मैंने मॉडलिंग करनी शुरू कर दी थी। 1995 में मुझे ‘निरमा फेस ऑफ द ईयर’ भी चुना गया था।

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  • Web Title:क्योंकि जनता हमसे बेहतर जज करती है