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क्लोराइड

अकसर अकसर अखबारों में पढ़ा होगा कि क्लोराइड की अधिकता से जल का स्वाद खराब हो गया, लेकिन क्या आप जानते हैं कि पानी में क्लोराइड की अधिकता का कारण क्या होता है, इसकी ज्यादा मात्रा होने का फर्क शरीर पर क्या पड़ता है।

जहां तक क्लोराइड के रासायनिक गुणों की बात है, तो ये कार्बनिक और अकार्बनिक दोनों हो सकते हैं। जहां हाइड्रोक्लोरिक एसिड अकार्बनिक क्लोराइड का बेहतर उदाहरण है, तो क्लोरोमीथेन, कार्बनिक क्लोराइड का उदाहरण है। पेट्रोलियम उद्योग में मिट्टी में मिले हुए क्लोराइड के छोटे-छोटे कणों का ध्यानपूर्वक निरीक्षण किया जाता है।

मिट्टी में क्लोराइड की मात्रा का बढ़ने से ड्रिलिंग करने पर खारी पानी बन सकता है। साथ ही क्लोराइड की अधिकता मिट्टी में खराब गुणवत्ता के बारे में बताती है। क्लोराइड ऐसा रसायन है, जिसकी मानव शरीर को आवश्यकता होती है। यह मेटोबॉलिज्म (भोजन को ऊज्र में परिवíतत करने वाली प्रक्रिया) के स्तर को बढ़ाता है।

यह शरीर में एसिड-बेस के स्तर को बैलेंस रखता है। किडनी खून में क्लोराइड की मात्रा को नियंत्रित रखती है। क्लोराइड नदियों व जमीन के पानी में जमा गंदगी को साफ करता है। क्लोराइड ऐसा घुलनशील पदार्थ है, जो कि किसी पदार्थ के सथ क्रिया नहीं करता। वयस्क के खून में क्लोराइड की मात्रा 95 से 105 होनी चाहिए। हाइड्रोक्लोरिक एसिड में क्लोराइड आयन होते है और इन्हें क्लोराइड कहा जाता है।

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  • Web Title:क्लोराइड