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सेंट्रल एक्साइज ने की दो प्रतिष्ठानों की जांच

सेंट्रल एक्साइज की टीम ने विश्वेश्वरगंज एवं कैंट स्थित दो प्रतिष्ठानों की शुक्रवार को जांच की। अभिलेख मांगने पर फर्म के संचालक कुछ भी बता पाने की स्थिति में नहीं थे। इस पर अफसरों ने एक सप्ताह में संबंधित अभिलेख विभाग में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।

गोरखपुर स्थित प्लास्टिक उत्पादों की एक प्रमुख कारखाने में पिछले दिनों मारे गए छापे में जब्त अभिलेखों से प्रदेश और प्रदेश बाहर के कई फर्मो से कारोबारी लेन-देन का खुलासा हुआ था। इस पर सक्रिय हुए विभागीय अधीक्षक के नेतृत्व में इंस्पेक्टरों की टीम विश्वेश्वरगंज-भरोनाथ मार्ग स्थित एक प्रतिष्ठान पर पहुंची और पिछले पांच साल की खरीद-फरोख्त से संबंधित अभिलेख प्रस्तुत करने को कहा।

एक्साइज अफसरों के आने की सूचना मिलते ही सैकड़ों व्यापारी वहां जुट गए और विरोध करने लगे। जब अफसरों ने बताया कि वह जांच-पड़ताल करने नहीं सिर्फ संबंधित अभिलेख की छानबीन करने आए हैं तो सभी शांत हुए। फर्म संचालक विष्णु जयसवाल ने अपने अधिवक्ता से अफसरों की बात करायी और संबंधित अभिलेख विभाग में प्रस्तुत करने का समय मांगा।

श्री जयसवाल का कहना था कि दो-तीन वर्ष पूर्व ही उक्त कारखाने से कारोबार का लेन-देन बंद हो चुका है। उधर, विभागीय अफसरों ने कैंट स्थित एक प्रतिष्ठान संचालक से भी इससे संबंधित अभिलेख प्रस्तुत करने को कहा है।

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