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खबर लिखने की कीमत मौत

एमएलए व उसके दो साथियों के खिलाफ खबर लिखने की कीमत एक पत्रकार पंकज खन्ना को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। पत्रकार ने आत्महत्या करने से पहले अपने  सुसाइड नोट में तीनों को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है। साथ ही उसने पुलिसिया व्यवहार को भी अपनी जान खोने का कसूरवार माना है। इस मामले में परिजनों के तीखे विरोध के चलते पुलिस ने वीरवार देर शाम विधायक सहित तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया।


मृतक के पिता यशपाल खन्ना ने पुलिस पर आरोप लगाया कि समय रहते कार्रवाई होती तो उसके इकलौते बेटे को खुदकुशी नहीं करनी पड़ती। पंकज का शव लेकर परिजन पुलिस हेडक्वार्टर पहुंचे तो उन्हें जबरदस्ती गाड़ियों में ठूंस कर नारायणगढ़ स्थित उनके घर छोड़ दिया। वहां पहुंच कर लोगों ने शव चंडीगढ़-नाहन सड़क पर रख कर यातायात जाम कर दिया। परिजन आरोपी विधायक के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग कर रहे थे। इलाके में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। एसडीएम देवेंद्र कौशिक, बराड़ा के एसडीएम अश्विनी मैंगी, एएसपी बलबीर बेनीवाल और डीएसपी लक्षमण शर्मा सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंचे हुए थे। विधायक के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद लोगों ने जाम हटा लिया। एएसपी बलबीर सिंह बेनीवाल ने बताया कि विधायक सहित तीन लोगों के खिलाफ पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है।


क्या है मामला
नारायणगढ़ निवासी पंकज खन्ना अपराध से जुड़ी एक मैगजीन का पत्रकार था। उसके पिता यशपाल खन्ना भी एक अखबार में सीनियर रिपोर्टर हैं। यशपाल ने बताया कि मार्च में पंकज ने स्थानीय विधायक रामकिशन के खिलाफ खबर छापी थी। इसके कुछ ही दिन बाद विधायक के साथियों विजय अग्रवाल व अजीत अग्रवाल ने पंकज को जान से मारने की धमकियां देनी शुरू कर दी। इससे परेशान चल रहे पंकज ने बुधवार को जहर खा लिया। यशपाल ने न्याय नहीं मिलने पर खुदकुशी की धमकी दी है।

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