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पीक आवर में उत्पादन पर पूरी तरह रोक

पंजाब में पेडी सीजन शुरू होने के साथ ही शहर और गांव जहां बिजली की किल्लत, वहीं पीक लोड अवधि में उत्पादन जारी रखने की सुविधा भी बड़े उद्योगों से छिन गई है। गत 31 मई से 100 किलोवाट या इससे अधिक लोड की औद्योगिक इकाइयों को यह सुविधा मिलनी बंद हो गई है। इससे पहले बिल अमाउंट सहित 120 रुपए प्रति किलोवाट के हिसाब से अतिरिक्त अदायगी करके इन इकाइयों को शाम 7.00 से रात 10.00 बजे तक की पीक लोड अवधि में भी मशीनें चलाने की छूट मिल जाती थी।


इस अवधि के दौरान बिजली सप्लाई चालू होने के बावजूद उत्पादन पर पाबंदी होती है। 100 किलोवाट लोड वाली एक इकाई 31 मई से पहले तक बिजली बिल के अलावा 12 हजार रुपए की अतिरिक्त अदायगी करके पीक लोड अवधि के दौरान भी उत्पादन करने की सुविधा प्राप्त कर रही थी। अब बड़े उद्योगों से यह सुविधा छिन जाने के कारण उत्पादन प्रभावित हुआ है। बिजली बोर्ड के इस फैसले से मोहाली की करीब 100 बड़ी इकाइयां प्रभावित हुई हैं, जिनकी लोड कपेसिटी 100 किलोवाट या इससे अधिक है। इस बारे में मोहाली इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष बीएस आनंद का कहना है कि जब पहले कभी इस तरह की रोक नहीं लगी तो इस बार ही क्यों? बोर्ड को अपने इस फैसले पर पुनर्विचार करके उद्योगों के लिए यह सुविधा बहाल करनी चाहिए।


उद्योगों से यह सुविधा छिनने के कारण उद्योगपतियों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस बारे में संपर्क करने पर पंजाब राज्य बिजली बोर्ड मोहाली के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर एपीएल गर्ग ने कहा कि बिजली मांग में हुई वृद्धि के कारण बोर्ड ने यह निर्णय लिया है। इस समय पेडी सीजन के चलते कृषि क्षेत्र को अधिक सप्लाई करना बोर्ड की प्राथमिकता है। इसलिए बोर्ड को यह कटौती करनी पड़ी है।

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