class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

भूकम्परोधी बनाने के लिए होगी रेट्रो फिटिंग

राज्य सरकार पुराने अस्पताल, स्कूल, कॉलेज और अन्य सरकारी भवनों की स्क्रीनिंग कराएगी। इसके आधार पर उन भवनों की रेट्रो फिटिंग करायी जाएगी ताकि भूकम्प आने पर वे झटके झेल सकें और जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके। ऐसी ही योजना निजी बहुमंजिली इमारतों और अपार्टमेंटों के लिए भी है। रेट्रो फिटिंग वह तकनीक है जिसका इस्तेमाल पुराने भवनों को भूकम्प रोधी बनाने के लिए किया जाता है।

आपदा प्रबंधन विभाग इसकी तैयारियों में जुटा है। खास बात यह है कि उन कॉलोनियों की सड़कों के चौड़ीकरण की दिशा में भी पहल की जाएगी जहां फायर ब्रिगेड की गाड़ियां नहीं जा सकतीं। आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव आर.के.सिंह के अनुसार पटना की अधिसंख्य निजी कॉलोनियां ऐसी हैं जहां फायर ब्रिगेड की गाड़ियां नहीं जा सकती। इसको ध्यान में रखकर  हाईकोर्ट के निर्देश के आलोक में कॉलोनियों की सड़कों की न्यूनतम चौड़ाई निर्धारित करने की योजना बनायी जाएगी। शुक्रवार को आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से भूकम्प और अग्निकांड से बचाव के लिए जागरुकता पर सेमिनार आयोजित की गया। सेमिनार में फायरब्रिगेड, पटना नगर निगम, पीएमसीएच, एनएमसीएच के अधिकारियों के अलावा होटल और अपार्टमेंट के प्रतिनिधि भी शामिल थे। इस मौके पर आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव ने भविष्य की योजनाओं का खुलासा करते हुए कहा कि सरकारी और निजी क्षेत्र के इंजीनियरों और आर्किटेक्ट के लिए इंजीनियरिंग कॉलेज में रेगुलर ट्रेनिंग कोर्स शुरू किया जाएगा। वहां उन्हें भूकम्प रोधी भवनों के निर्माण और डिजाइन की ट्रेनिंग दी जाएगी। ट्रेनिंग के बाद सर्टिफिकेट दिए जाएंगे।

भविष्य के लिए यह भी तैयारी है कि जिन इंजीनियरों और आर्किटेक्ट के पास ऐसी ट्रेनिंग का सर्टिफिकेट नहीं होगा उन्हें भवन निर्माण और डिजाइन का काम नहीं सौंपा जाएगा। सेमिनार में आपदा प्रबंधन विभाग के अपर आयुक्त प्रत्यय अमृत, विशेष सचिव पी.एन.राय, निगम आयुक्त के.शेंथिल कुमार, एनआईटी के प्रो.डॉ.सुरेन्द्र कुमार, डॉ.डी.के.गुप्ता, स्टेट फायर ऑफिसर रमेश चंद्रा, प्रधान ज्वाला प्रसाद ने आपदा प्रबंधन और बचाव के उपायों पर चर्चा की।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:भूकम्परोधी बनाने के लिए होगी रेट्रो फिटिंग