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क्रांतिकारी है मैक्सवेल का प्रकाश सिद्धांत

क्रांतिकारी है मैक्सवेल का प्रकाश सिद्धांत

न्यूटन, आइंस्टीन और मैक्सवेल सहस्राब्दी के महानतम भौतिकविदों की सूची में शामिल हैं और तीनों में समानता है कि उन्होंने प्रकाश के सिद्धांत के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
 

मैक्सवेल ने क्रांतिकारी विचार रखा कि प्रकाश विद्युत चुंबकीय तरंग है और यह माध्यम से स्वतंत्र है। स्कॉटिश भौतिकविद जेम्स क्लार्क मैक्सवेल ने इस सिद्धांत से क्रांति ला दी।

मैक्सवेल का जन्म 13 जून, 1831 में 14 इंडिया स्ट्रीट में एडिनबर्ग, स्कॉटलैंड में हुआ था। क्लासिकल विद्युत चुंबकीय सिद्धांत, चुंबकत्व और प्रकाशिकी के क्षेत्र में दिए गए सिद्धांतों के लिए उन्हें प्रमुखता से याद किया जाता है। 

न्यूटन के बाद विद्युतचुंबकत्व के क्षेत्र में मैक्सवेल द्वारा किए गए कार्य को भौतिकी के क्षेत्र में दूसरा सबसे बड़ा एकीकरण कार्य माना जाता है। यह कई क्षेत्रों से जुड़ा है।

मैक्सवेल ने सबसे पहले प्रयोग के माध्यम से बताया कि विद्युत और चुंबकीय क्षेत्र अंतरिक्ष में तरंगों के रूप में प्रकाश की गति से चलते हैं। वर्ष 1864 में मैक्सवेल ने विद्युत चुंबकत्व की गति का सिद्धांत दिया और पहली बार बताया कि प्रकाश वास्तव में उसी माध्यम में तरंग है जिससे विद्युत और चुंबकीय तरंग पैदा होती है।

उन्होंने विद्युत चुंबकत्व के क्षेत्र में एकीकृत मॉडल दिया, जिसे भौतिकी में एक बड़ा योगदान माना जाता है। मैक्सवेल ने मैक्सवेल वितरण का विकास किया जिसे गैसों की गतिज उर्जा का सबसे महत्वपूर्ण पहलू माना जाता है ।

 

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  • Web Title:क्रांतिकारी है मैक्सवेल का प्रकाश सिद्धांत